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सिद्धों की धरती सिद्धबली धाम में होती हैं मनोकानाएं पूर्ण: हरि चेतनानंद

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कोटद्वार। श्री सिद्धबली महोत्सव के दूसरे दिन समारोह में पहुंचे हरिहर आश्रम हरिद्वार के महामंडलेश्वर हरि चेतनानंद जी महाराज ने भजन कार्यक्रमों का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि सिद्धबाबा का मंदिर सिद्धों की धरती पर बना है। यहां गुरु गोरखनाथ ने कठिन तपस्या की थी तब हनुमानजी ने उनको इस धरती पर दर्शन दिए थे। मंदिर की सीढ़ी चढ़ते ही हनुमानजी की छवि मन में छा जाती है। यहां जो भी सच्ची श्रद्धा लेकर आता है, उसकी मनोकामनाएं पूर्ण होती है।
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सुबह पांच बजे से ज्योतिषाचार्य देवीप्रसाद भट्ट के सानिध्य में वेदपाठियों ने मंत्रोचार के बीच पिंडी महाभिषेक और एकादश कुंडीय यज्ञ करवाया। इसमें भारी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। स्वामी हरि चेतनानंद जी महाराज ने कहा कि हमारा जीवन छोटा है। इसका उपयोग परोपकार और भगवान के ध्यान में लगाया जाना चाहिए। हमें अपनी संस्कृति और परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए बच्चों को संस्कारवान बनाना होगा। सिद्धबली बाबा की कृपा क्षेत्रवासियों पर है। हनुमानजी के दरबार में जो दुखी होकर आता है, वह प्रसन्न मन से वापस जाता है। आने वाले समय में कोटद्वार का सिद्धबली धाम पूरी दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाएगा। उन्होंने लाल लंगोटो वाला, हाथ में सोटो तेरो रे... भजन सुनाकर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
इस अवसर पर मंदिर के महंत दिलीप रावत, मंदिर समिति के अध्यक्ष कुंजबिहारी देवरानी, महोत्सव के अध्यक्ष जीत सिंह पटवाल, मेला संयोजक उद्योगपति अनिल कंसल, विवेक अग्रवाल, रविंद्र जजेड़ी, शिव प्रसाद अग्रवाल, कुलवीर चौधरी, ओम प्रकाश तिवारी, रविंद्र नेेगी, संजय बंसल और सुनील गोयल मौजूद थे। इससे पूर्व सुबह पांच बजे ज्योतिषाचार्य देवीप्रसाद भट्ट के सानिध्य में वेदपाठियों के मंत्रोचार के बीच पिंडी महाभिषेक और एकादश कुंडीय यज्ञ का आयोजन किया गया। इसमें बतौर मुख्य यजमान उद्योगपति अनिल कंसल, वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सुरेंद्र सिंह नेेगी के साथ मंदिर समिति के पदाधिकारियों और श्रद्धालुओं ने पूर्णाहुति डालकर क्षेत्र की तरक्की की कामना की।
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बाबा के दर्शन को उमड़ा श्रद्धालुओं का हुजूम
महोत्सव के दूसरे दिन श्रीसिद्धबली बाबा के दर्शन को लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। लोगों ने लाइन पर लगकर बाबा के दर्शन किए और मन्नतें मांगी। सुबह छह बजे से ही मंदिर में दर्शकों का आना शुरू हो गया था। दोपहर तक हजारों की तादाद में श्रद्धालु मंदिर पहुंच गए थे। पुलिस प्रशासन को मंदिर परिसर से लेकर सिद्धबली पुल तक व्यवस्था बनाने में पसीना बहाना पड़ा। शाम तक श्रद्धालुओं के मंदिर पहुंचने का सिलसिला जारी रहा।
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- फोटो समाचार-
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