कोटद्वार। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने कोटद्वार और भाबर क्षेत्र के आपदा प्रभावित क्षेत्र का भ्रमण कर प्रभावितों से मुलाकात की।
रविवार को प्रदेश अध्यक्ष कोटद्वार पहुंचे। उन्होंने रिफ्यूजी कालोनी पहुंचकर घरों में भरे मलबे को देखा और प्रभावितों से राहत कार्यों की जानकारी हासिल की। लोगों ने मलबा हटाने के लिए प्रशासन की ओर से पर्याप्त सफाई कर्मचारियों को नहीं लगाने की शिकायत की। इसके बाद वे ठेकेदार धर्मशाला और जीआईसी स्थित राहत कैंप में पहुंचे। उन्होंने कैंप में रह रहे आपदा प्रभावितों से मुलाकात की और उनकी सरकार की ओर से हरसंभव सहायता करने का भरोसा दिलाया। इस अवसर पर उन्होंने एसडीएम से आपदा को लेकर प्रशासन के प्रयासों की जानकारी ली। उन्होंने आपदा प्रभावित क्षेत्रों में अधिक संख्या में सफाई मजदूर लगाकर लोगों को शीघ्र राहत देने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने भाबर क्षेत्र के सिमलचौड़, सत्ती चौड़ और शीतलपुर आपदा क्षेत्र का निरक्षण किया। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष शैलेंद्र सिंह बिष्ट, बीरेंद्र रावत, धीरेंद्र चौहान, अमित भारद्वाज, मनीष शर्मा, जंग बहादुर, उमेश त्रिपाठी, कैलाश थलेड़ी, मुकेश नेगी, रजत भट्ट, मोहित मौर्या, सुरेश शर्मा व जितेंद्र नेगी आदि मौजूद रहे।
आपदा राहत के 3800 रुपये के चेक पर भड़के प्रभावित
कोटद्वार। प्रशासन की ओर से रविवार को रिफ्यूजी कालोनी में आपदा राहत के 3800 रुपये के चेक वितरित किए गए थे। तब से आपदा प्रभावित नाराज थे। जैसे ही प्रदेश अध्यक्ष प्रभावितों से मिलने के लिए पहुंचे, उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष पर अपना गुस्सा उतार दिया। बलराम भाटिया और बेला भाटिया ने सरकार पर 3800 रुपये का चेक देकर आपदा प्रभावितों के साथ मजाक करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मलबे में उनका सब कुछ नष्ट हो गया है। मलबे मेें बैंक की पासबुक, एटीएम सभी बह गए हैं। ऐसे के क्रास चेक को वे बिना खाते के कैश नहीं करा सकते। वे इस चेक को सीएम को लौटा देंगे। इस पर प्रदेश अध्यक्ष ने माना कि आपदा राहत राशि बहुत कम है। उन्होंने मुख्यमंत्री से कहकर रकम को बढ़ाने का भरोसा दिलाया, तब जाकर प्रभावित शांत हुए।