कोटद्वार। नगर निगम बोर्ड बैठक में वित्तीय वर्ष 2019-20 का अनुमानित बजट पेश किया गया। इस मौके पर पार्षदों ने सहायक नगर आयुक्त पर आउटसोर्स कर्मचारियों को लेकर सदन को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उपस्थिति पंजिका में रविवार और सरकारी छुट्टियों के दिनों में भी कर्मचारियों की उपस्थिति दर्शायी गई है। बैठक में आचार संहिता लगने से पूर्व 80 कार्यों के वर्क ऑर्डर जारी करने की मांग भी उठाई गई।
शनिवार को मेयर हेमलता नेगी की अध्यक्षता में नगर निगम बोर्ड का अधिवेशन हुआ। बैठक में पिछली बैठक में हुई कार्रवाई की पुष्टि की गई। चर्चा के दौरान पार्षद गीता नेगी ने पंचायत भवनों और दस्तावेजों का हस्तांतरण अभी तक न होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि दस्तावेजों का हस्तांतरण न होने से लोगों को आवश्यक प्रमाणपत्र निर्गत नहीं हो पा रहे हैं। भाबर क्षेत्र के पार्षदों ने उनके वार्डों में जल्द से जल्द स्ट्रीट लाइटें लगाने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि जंगल से सटे गांवों में स्ट्रीट लाइटें नहीं होने के कारण जंगली जानवरों का खतरा बना हुआ है। पार्षद विपिन डोबरियाल और कविता मित्तल ने गाड़ीपड़ाव की भूमि को खाली करवाने और मालिनी मार्केट स्थित नगर निगम की भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग की। बैठक में पार्षदों द्वारा दिए गए संयुक्त हस्ताक्षरित पत्र में अति आवश्यक निर्माण कार्यों को संभावित आचार संहिता और आगामी बरसात के मद्देनजर रखते हुए अविलंब कराने की मांग उठाई। नगर आयुक्त अनिल चन्याल ने सदन को आश्वस्त किया कि वित्तीय नियमों के अनुसार जल्द से जल्द वर्क ऑर्डर जारी कर कार्य शुरू करवाए जाएंगे।
बोर्ड बैठक में वित्तीय वर्ष 2019-20 का अनुमानित बजट पेश किया गया, जिसमें नगर निगम को गृह कर, प्रेक्षागृह, विज्ञापन शुल्क, भवनों, भूमि, दुकान, लीज, खाद, समेत विभिन्न मदों से करीब 20 करोड़, 82 लाख 70 हजार की आय प्राप्त होने का अनुमान है। यह पिछले वित्तीय वर्ष के सापेक्ष 10 करोड़ 94 लाख 55 हजार 453 रुपये अधिक है।
ये प्रस्ताव हुए पारित
बोर्ड की बैठक में कई प्रस्ताव पास किए गए, जिसमें वार्डों में वरीयता के आधार पर स्ट्रीट लाइटें लगाने, वार्डों में होने वाले कार्यों की गुणवत्ता की एनओसी संबंधित ठेकेदार को पार्षदों से लेनी होगी। बैठक में नगर निगम में नगर आयुक्त की नियुक्ति करने, कोटद्वार भाबर क्षेत्र में सिटी बसों का संचालन शुरू करने, मुक्ति धाम का नाम बदलकर निगम बोध घाट रखने, पार्षदों के आवास और कार्यालय में बोर्ड लगाने, हाट बाजार में तह बाजारी वसूलने का कार्य ठेके पर देने, प्रत्येक वार्ड में शिकायत पेटिका लगाने, पार्षदों को वेतन देने संबंधी प्रस्ताव पारित किए गए।
भाजपा पार्षदों ने किया सदन से वाकआउट
कोटद्वार। नगर निगम बोर्ड की बैठक शुरू होते ही भाजपा पार्षदों ने सदन से वाकआउट करते हुए मेयर के खिलाफ नारेबाजी की। पार्षदों ने तहसील परिसर में धरना भी दिया। इस मौके पर नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर उनकी मांगों पर कार्रवाई करने की मांग की गई। ज्ञापन में पार्षदों ने कहा कि उन्हें एजेंडे की कापी महज 48 घंटे पूर्व उपलब्ध कराई जा रही है, जबकि नियमानुसार पार्षदों को एजेंडे की कापी एक सप्ताह पूर्व उपलब्ध कराई जानी चाहिए। वे अपने वार्डों के प्रस्तावों को एजेंडे में शामिल नहीं करा पा रहे हैं। उन्होेंने कहा कि एजेंडे के जवाब के लिए भी उन्हें समय नहीं दिया जा रहा है। पार्षदों ने कहा कि स्ट्रीट लाइटों को लेकर भी नगर निगम प्रशासन भेदभाव की नीति अपना रहा है। इस मौके पर मेयर पर बोर्ड की बैठक में बाहरी लोगों को बिठाने का आरोप भी लगाया गया।