कोटद्वार। प्राकृतिक आपदाओं की दृष्टि से संवेदनशील और विगत दो बरसातों में चर्चा में रहे कोटद्वार के मौसम पर अब ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन (स्वचालित मौसम केंद्र) से नजर रखी जाएगी। कोटद्वार तहसील में लगाई जा रही वेदर मशीन से क्षेत्र में हल्की और भारी बारिश के साथ ओलावृष्टि और तूफान की संभावनाओं का पूर्वानुमान लगाया जा सकेगा।
विगत कई सालों से कोटद्वार प्राकृतिक आपदाओं की मार झेल रहा है। गत 3/4 अगस्त 2017 को कोटद्वार में बादल फटने से आई आपदा से जानमाल का भारी नुकसान हुआ था। इसके बाद इस वर्ष भी 24/25 अगस्त को भारी बारिश से कोटद्वार से भाबर क्षेत्र तक नुकसान हुआ। कोटद्वार तहसील में ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के लगने से यहां के मौसम पर पूरी नजर रखी जा सकेगी। इस स्टेशन की मदद से क्षेत्र में प्रतिदिन का तापमान, आर्द्रता, हवा का रुख, बारिश, गर्मी का ताप, अल्ट्रा वॉयलेट रेज का डाटा एकत्र किया जा सकेगा। साथ ही क्षेत्र में हल्की और भारी बारिश के साथ ओलावृष्टि व तूफान की संभावनाओं का पूर्वानुमान भी लगाया जा सकेगा। स्टेशन सीधे सेटेलाइट से लिंक रहेगा। इसकी सूचना मौसम विभाग देहरादून पहुंचेगी। वहां से मौसम की जानकारी डीएम कार्यालय में भी पहुंचेगी।
आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से कोटद्वार समेत पौड़ी जिले में 17 स्थानों पर ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन लगाए गए हैं। इसमें लैंसडौन, सतपुली, घीरी इंटर कालेज, पौड़ी, श्रीनगर, भरसार, थलीसैंण, स्यूंसी, नैनीडांडा, कांडानाला, यमकेश्वर, नीलकंठ व कालागढ़ शामिल हैं।
पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम की प्रतिदिन की हलचल पर नजर रखने और आपदा पूर्व जानकारी के लिए ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन लगाए जा रहे हैं। इससे मौसम का पूर्वानुमान लगाने के साथ ही भविष्यवाणी में भी मदद मिलेगी।
-विमल चंद्रा, प्रोजेक्टर मैनेजर
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