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तैड़िया के विस्थापन को ग्रामीणों ने डीएफओ को दी स्वीकृति

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कोटद्वार। कार्बेट टाइगर रिजर्व के वन कानूनों में फंसे तैड़िया गांव के विस्थापन की अब ग्रामीणों में आस जगने लगी है। रिखणीखाल ब्लाक के तैड़िया और पांड गांव के विस्थापन को लेकर ग्रामीणों की सहमति को लेकर वन विभाग और तैड़िया व पांड गांव के लोगों की बैठक हुई। इसमें क्षेत्रीय विधायक दिलीप रावत और वन विभाग के डीएफओ एके त्रिपाठी की मौजूदगी में विस्थापन को लेकर चर्चा की गई। तैड़िया के ग्रामीणों ने विस्थापन के लिए हामी भरते हुए वन विभाग के डीएफओ को स्वीकृति पत्र सौंपा।
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डीएफओ एके त्रिपाठी ने बैठक के कार्यवृत्त पर चर्चा की। इसमें तैड़िया गांव ने नेशनल टाइगर कंजरवेशन आथारटी (एनटीसीए) ने गांव के बदले गांव बसाने को लेकर ग्रामीणों को विकल्प दिया। उसको स्वीकार करते हुए सौ से अधिक ग्रामीणों ने हस्ताक्षर कर सहर्ष सहमति प्रस्तुत की। ग्रामीणों की ओर से विस्थापन एवं पुनर्वास संघर्ष समिति के अध्यक्ष डा. एपी ध्यानी ने डीएफओ को सहमति पत्र प्रस्तुत किया, जबकि पांड गांव की सहमति अभी नहीं मिली है।
इस अवसर पर डा. बीएल ध्यानी, दिनेश चंद्र, गुणानंद, वेदप्रकाश, ग्राम प्रधान तैड़िया रामेंद्र कुमार, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि धीरजमणि, सुरेंद्र घनसेला, एलआर नाग, नवीन जोशी व नेहा चौधरी आदि मौजूद रहे।
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