कोटद्वार। पौड़ी जिले को पेयजल उपलब्ध कराने वाले जलसंस्थान कार्यालय कोटद्वार को पेयजल उपभोक्ताओं से ही नहीं सरकारी महकमों से भी पानी के बिल का बकाया लेने के लिए जूझना पड़ रहा है। आलम यह है कि कोटद्वार के सरकारी विभागों ने जलसंस्थान के करीब एक करोड़ रुपये के बिल का भुगतान नहीं किया है, वहीं पेयजल उपभोक्ता भी करीब दो करोड़ 35 लाख रुपये की पोटली बांधे बैठे हैं। जलसंस्थान ने अब सख्त रुख अपनाते हुए शुक्रवार से बकायादारों के कनेक्शनों को काटने का निर्णय लिया है।
जलसंस्थान का वन विभाग पर 21.75 लाख रुपये का बिल बकाया, सिंचाई विभाग पर 17.35 लाख रुपये, तहसील विभाग पर 7.01 लाख रुपये, फ्लस डोर फैक्ट्री पर 7.80 लाख रुपये, रेलवे पर 1.86 लाख, लोक निर्माण विभाग पर 1.20 लाख रुपये के अलावा आधा दर्जन विभागों पर लाखों का बकाया चल रहा है। इसके अलावा दुगड्डा-भाबर में 152 पेयजल उपभोक्ताओं पर करीब 1.69 लाख, रिगड्डी स्रोत से संबंधित 226 उपभोक्ताओं पर 25. 68 लाख, जलकल के 751 उपभोक्ताओं पर 1.50 करोड़ और सनेह के 63 पेयजल उपभोक्ताओं पर करीब 10.51 लाख का बकाया चल रहा है।
जलसंस्थान कोटद्वार के अंतर्गत पुरानी पेयजल लाइनों का विभाग बजट के अभाव में मरम्मत नहीं कर पा रहा है। कई मोहल्लों में पानी नहीं पहुंच पा रहा है। वहां वाल्व लगाया जाना है। बार-बार ट्यूबवेल की मोटर फुंकने के कारण उनकी मरम्मत करानी पड़ती है और ट्यूबवेल के जनरेटरों के लिए डीजल की व्यवस्था के लिए धन की कमी आड़े आ रही है। ऐसे में करोड़ों का बकाया नहीं चुका रहे विभागों और लोगों का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
आज से कटेंगे बकायादारों के पेयजल कनेक्शन
पानी का उपयोग करने के बाद बिल नहीं चुकाने वाले पेयजल उपभोक्ताओं और सरकारी महकमों पर जलसंस्थान सख्त कदम उठाने जा रहा है। लगातार विभागों को भुगतान करने के नोटिस दिए जाने के बाद भी पानी के बिलों का भुगतान नहीं किया जा रहा है। पेयजल उपभोक्ताओं से भी अपने बिलों के भुगतान जमा करने के लिए लाउडस्पीकर द्वारा सूचना दे गई है। 15 फरवरी से विभाग पहले बड़े बकायादारों के कनेक्शन काटने की कार्रवाई शुरू कर देगा।
-एलसी रमोला, अधिशासी अभियंता जलसंस्थान कोटद्वार