कोटद्वार। नगर निगम विरोधी संघर्ष समिति की महारैली से सोमवार को पुलिस प्रशासन हलकान रहा। विरोध, हंगामे की आशंका के चलते पुलिस प्रशासन ने पूरे शहर को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया था। शहर की हर सड़क और चप्पे-चप्पे पर पुलिस फोर्स तैनात रही। निगम विरोधी रैली के चलते ही प्रशासन को वीईएल से सीएम का हैलीपैड बदलकर ग्रास्टनगंज ले जाना पड़ा। सीएम के कार्यक्रम में इतनी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी कि जनसभा स्थल पर भी हर किसी को मेटल डिटेक्टर और सघन चेकिंग के बाद ही अंदर जाने दिया गया।
मुख्यमंत्री के दौरे को सफल बनाने के लिए जिला पुलिस प्रशासन ने जहां पूरे जिले की फोर्स कोटद्वार में तैनात कर दी, वहीं नगर निगम विरोधी रैली को देेखते हुए हरिद्वार और देहरादून समेत कई जिलों से भी फोर्स मंगवानी पड़ी। सोमवार को पूरा शहर पुलिस छावनी में तब्दील रहा। सीएम के आने से लेकर जाने तक झंडाचौक से बदरीनाथ मार्ग की ओर वाहनों की आवाजाही तो बंद रही ही, बाइक सवारों को भी नहीं जाने दिया गया। लोगों को अपने काम के लिए भी पैदल ही जाना पड़ा। ग्रास्टनगंज से लेकर पूरे सिद्धबली मार्ग, बदरीनाथ मार्ग, नजीबाबाद मार्ग, देवीरोड, स्टेशन रोड, पुराना सिद्धबली मार्ग तक पुलिस फोर्स तैनात रही। मालवीय उद्यान में ग्रामीणों की निगम विरोधी महारैली को समय से निपटाने के लिए खुद एसएसपी पौड़ी जगतराम जोशी को कमान संभालनी पड़ी। महारैली में हो रही देरी ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी थी। बाद में वरिष्ठ अधिकारियों ने खुद मालवीय उद्यान में डेरा डालकर ग्रामीणों की जनसभा को जल्द निपटवाया। नगर निगम विरोधी रैली से निपटने के लिए एडीएम रामजी शरण शर्मा, एएसपी डा. हरीश वर्मा, सीओ जेआर जोशी, एसडीएम राकेश तिवारी समेत कई पुलिस अधिकारी व मजिस्ट्रेट कोटद्वार में व्यवस्थाएं संभाले रहे।
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