कोटद्वार। नगर और आसपास के क्षेत्रों में बुधवार को दिवाली का पर्व हर्षोल्लास और धूमधाम से मनाया गया। लोगों ने घरों में दीये जलाए, वहीं घरों को रंग-बिरंगी लड़ियों से सजाया। तीन दिन तक शहर से लेकर गांव तक दिवाली की धूम रही। बच्चों से लेकर बुजुर्गों में खूब उत्साह देखने को मिला। दिवाली पर बच्चों ने रंगोली बनाई। आतिशबाजी पर सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन नहीं हुआ। शाम छह बजे से शुरू हुआ आतिशबाजी का दौर देर रात तक जारी रहा। चाइनीज लड़ियां और पटाखे जमकर बिके।
दुगड्डा, सतपुली, यमकेश्वर, द्वारीखाल, रिखणीखाल, नैनीडांडा, धुमाकोट, बीरोंखाल, बैजरों, चौबट्टाखाल, एकेश्वर और पोखड़ा क्षेत्र में भी दिवाली पर्व उत्साहपूर्वक मनाया गया। पहाड़ के छोटे बाजारों से लेकर गांवों तक दिवाली में खूब आतिशबाजी हुई। कोटद्वार में दिवाली के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से की गई व्यवस्थाएं चाक-चौबंद रही। सनेह के एक गांव में पटाखों से छत पर रखी पुआल जलकर राख हो गई। पटाखों से जलने की छुटपुट घटनाओं को छोड़कर दिवाली पर्व शांतिपूर्ण संपन्न हो गया।
मृदुला, निवेदिता ने गरीब बच्चों के साथ मनाई दिवाली
कोटद्वार। वरिष्ठ पत्रकार स्व. देवेंद्र सिंह की याद में उनकी बेटी मृदुला और निवेदिता ने गरीब बच्चों के साथ दिवाली मनाई।
मृदुला और निवेदिता ने दिवाली से पहले वरियर्स ग्रुप की स्थापना की। कई युवा ग्रुप में शामिल हुए। उन्होंने गरीब परिवार के बच्चों के साथ दिवाली मनाने का पहला कार्यक्रम करने के लिए आपस में चंदा एकत्रित किया। दीपावली के दिन दोनों बेटियां अपने साथियों के साथ काशीरामपुर तल्ला स्थित बस्ती पहुंची। उन्होंने झोपड़ियों में रहने वाले बच्चों को खील, बताशे और मिठाई बांटी। उन्होंने मोमबत्ती से उनके घरों को रोशन किया और बच्चों के साथ फुलझड़ी जलाई। इसके बाद उन्होंने सुरक्षा में ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों को चाकलेट बांटी। मृदुला ने बताया कि उसके पिता स्व. देवेंद्र सिंह गरीब असहायों की मदद के लिए हमेशा तैयार रहते थे। उन्हीं के पद चिह्नों पर चलने के लिए उन्होंने वरियर्स ग्रुप की स्थापना की है। ताकि गरीब परिवार के बच्चों के चेहरे पर एक खुशी दे सकें। इस अवसर पर साहिल, विकास, आशीष, सुशांत, देवाशीष, शशि और सिद्धि रावत मौजूद थे।