कोटद्वार। नवसृजित नगर निगम कोटद्वार के मेयर का पद महिला सामान्य के लिए आरक्षित होने से मेयर बनने का सपना पाले पुरुष दावेदारों के सपने चकनाचूर हो गए हैं। नगर निगम के मेयर पद पर पहली महिला के पदासीन होने से कोटद्वार क्षेत्र की भावी राजनीति भी प्रभावित होगी, इस संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता है।
कोटद्वार नगर पालिका में क्षेत्र की 35 ग्राम पंचायतों के 73 गांवों को मिलाकर हाल में राज्य सरकार ने इसे उच्चीकृत करते हुए नगर निगम का दर्जा दिया है। कोटद्वार नगर पालिका अध्यक्ष की सीट वर्ष 2008 से लगातार आरक्षित चल रही है। 2008 में यह सीट सामान्य वर्ग की महिला के लिए आरक्षित थी, तब भाजपा की शशि नैनवाल ने यहां जीत दर्ज की थी। इसके बाद हुए 2013 के चुनाव में यह सीट अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित कर दी गई, तब इस सीट पर बसपा प्रत्याशी के रुप में रश्मि राणा विजयी रही। रश्मि राणा अब पाला बदलकर भाजपा में आ गई हैं। अब नगर निगम के मेयर की सीट भी आरक्षित होने से कोटद्वार क्षेत्र की महिला राजनीति भी नई करवट लेने लगी है।