फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नगर निगम के विरोध में ग्रामीणों ने निकाली महारैली, भरी हुंकार

विज्ञापन
विज्ञापन
कोटद्वार। नगर निगम के विरोध में कोटद्वार भाबर के 73 गांवों के ग्रामीणों, विभिन्न संगठनों और संयुक्त संघर्ष समिति से जुड़े लोगों ने सोमवार को सड़क पर उतरकर महारैली निकाली। प्रदर्शनकारियों ने जन सुनवाई किए बिना नगर निगम की घोषणा को गैर कानूनी और असंवैधानिक बताया। कहा कि सरकार ने जनता के बिना मांगे उस पर नगर निगम थोप दिया है। इसके खिलाफ जनता में आक्रोश है।
विज्ञापन

सोमवार को नगर निगम विरोध संघर्ष समिति के बैनर तले कोटद्वार भाबर की चारों पट्टियों के ग्रामीण देवीमंदिर तिराहे पर एकत्र हुए। देवीरोड से ग्रामीण ढोल दमाऊं और प्रदर्शन करते हुए नजीबाबाद चौक होते हुए झंडाचौक पहुंचे। यहां पर कुंभीचौड़ व लालपानी समेत सनेह पट्टी के ग्रामीण महारैली में शामिल हो गए। रैली बदरीनाथ मार्ग होते हुए मालवीय उद्यान में पहुंची और जनसभा में तब्दील हो गई।
जनसभा में नगर निगम विरोध संघर्ष समिति के अध्यक्ष डा. शक्तिशैल कपरवाण ने ेकहा कि नगर निगम के विरोध में यह पहली महारैली है। सरकार ने यदि आंदोलन को गंभीरता से नहीं लिया तो इसे उग्र किया जाएगा। कहा कि कोटद्वार नगर पालिका बदहाल स्थिति में है। कोटद्वार पालिका की हालत देखते हुए ग्रामीण आशंकित हैं। वक्ताओं ने नगर निगम से होने वाली दिक्कतों को गिनाईं। कहा कि कोटद्वार भाबर के अस्सी फीसदी भूभाग में खेती होती है। नगर निगम बनने से ग्रामीण अंचलों को मिलने वाली योजनाओं से वंचित रहना पड़ेगा।
विज्ञापन

महारैली को प्रवेंद्र सिंह रावत, चंद्रप्रकाश नैथानी, राजाराम अण्थ्वाल, रतन सिंह नेगी, विजय ध्यानी, वीरेंद्र थलेड़ी, डा. चंद्रमोहन खर्कवाल, सर्वोदय सेविका शशिप्रभा रावत, सुरेश रावत, कृष्णा बहुगुणा व रंजना रावत समेत कई लोगों ने संबोधित किया।

सीएम ने एक माह के भीतर दिया जनसुनवाई का भरोसा
कोटद्वार। जिला प्रशासन ने नगर निगम विरोध संघर्ष समिति के एक प्रतिनिधिमंडल को हैलीपैड पर मुख्यमंत्री से मुलाकात कराई। सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि एक माह के भीतर जनसुनवाई करवा दी जाएगी। सीएम ने एक माह के भीतर जनसुनवाई कर ही नगर निगम की विधिवत घोषणा करने का भरोसा दिलाया है।
विज्ञापन

फोटो
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें