कोटद्वार। नगर निगम के विरोध में बनी संयुक्त संघर्ष समिति ने नगर निगम बनाने के निर्णय के खिलाफ लोकतांत्रिक और न्यायिक दोनों लड़ाई लड़ने का निर्णय लिया है। संघर्ष समिति जल्द ही इस मामले में नैनीताल हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करेगी। समिति के अध्यक्ष डा. शक्तिशैल कपरवाण ने कहा कि नगर निगम बनाने से पूर्व सरकार ने जन सुनवाई तक नहीं की है। जनता और जनप्रतिनिधियों को विश्वास में लिए वगैर नगर निगम का निर्माण पूरी तरह असंवैधानिक है। मंगलवार को हिंदू पंचायती धर्मशाला में हुई नगर निगम विरोध संघर्ष समिति की बैठक में लोकतांत्रिक और न्यायिक लड़ाई लड़ने का प्रस्ताव पारित किया गया। बैठक के बाद जहां एक प्रतिनिधिमंडल नैनीताल के लिए रवाना हो गया, वहीं समिति के सदस्यों ने भाबर के नजीबाबाद रोड, काशीरामपुर, जानकीनगर, उमेश नगर, भोला दत्त विहार, सूर्यनगर अमर कालोनी, सजवाण कालोनी में जनसंपर्क कर नगर निगम से होने वाले नुकसान के पर्चे बांटे। कहा कि सत्ता पक्ष से जुड़े कुछ लोगों को कोटद्वार और भाबर के गांवों से कोई लेना-देना नहीं है। भूमाफिया, खनन माफिया को लाभ पहुंचाने के लिए नगर निगम का निर्माण किया गया है। पशुपालकों और काश्तकारों को इससे नुकसान होगा।
जनसंपर्क में प्रवेंद्र सिंह रावत, विजय ध्यानी, सूरज प्रसाद कांति, गोविंद डंडरियाल, प्रदीप नेगी, वीरेंद्र थलेड़ी, सुल्तान सिंह रावत, प्रवेश चंद्र नवानी व गजेंद्र तिवारी समेत कई सदस्य शामिल थे।