कोटद्वार। मोटाढांक चौराहा और मालन नदी के पार स्थित हल्दूखाता तिराहे पर नहर और सिंचाई गूलों का पानी सड़क पर बह रहा है, जिससे सड़क बनी है। ऐसे में दुपहिया वाहन चालक हर दिन चोटिल हो रहे हैं।
पदमपुर मोटाढांक पट्टी और हल्दूखाता के गांवों में लोग पहले से ही नगर निगम का विरोध कर रहे थे। भारी विरोध के बीच नगर निगम के चुनाव घोषित हुए तो निर्दलीय और विपक्षी दलों ने क्षेत्र की समस्याओं को लेकर सत्तारूढ़ दल को घेरना शुरू कर दिया है। लोगों का कहना है कि नगर निगम बने एक साल हो गया है, क्षेत्र में दो साल पहले बनी करोड़ों की सड़कों की कोई सुधलेवा नहीं है।
मोटाढांक चौराहा कोटद्वार-चिलरखाल मार्ग का महत्वपूर्ण चौराहा है। यहां पर करीब 15 दिन से सिंचाई गूल का पानी सड़क पर बह रहा है। सिंचाई गूल चोक पड़ी है। ऐसे में सड़क बदहाल होने से आए दिन दुपहिया वाहन चालक चोटिल हो रहे है। यही स्थिति हल्दूखाता तिराहे की भी है। यहां दाई मालन नहर का पूरा पानी डाटपुल चोक होने से सड़क पर बह रहा है। लोगों का पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। राकेश सिंह बिष्ट, विकास कुकरेती का कहना है कि सरकारी मशीनरी, नगर निगम, लोनिवि और सिंचाई विभाग की घोर अनदेखी का खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है। ईई निर्भय सिंह का कहना है कि गूलों और सिंचाई नहरों के चोक होने से सड़क पर पानी बहने से सड़क टूट रही है। सिंचाई विभाग को बता दिया गया है। मोटाढांक में भी जल्द ही सड़क ठीक करा दी जाएगी।