कोटद्वार। वन मंत्री डा. हरक सिंह रावत के जनता दरबार में ग्राम पंचायत दुर्गापुर के खूनीबड़ गांव की महिलाओं ने उनके गांव में शराब की दुकान खोले जाने को लेकर हंगामा काटा। जनता दरबार में पानी, बाढ़ सुरक्षा कार्य, समाज कल्याण, शराब की दुकान और सुरक्षा व्यवस्था के मामले छाए रहे। वन मंत्री ने लोगों की समस्याएं सुनीं और उनके समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए।
शनिवार को काशीरामपुर तल्ला स्थित सरस्वती शिशु मंदिर परिसर में आयोजित जनता दरबार में खूनीबड़ गांव की महिलाओं ने शराब की दुकान को लेकर हंगामा काटा। उन्होंने वन मंत्री के सामने आक्रोश जताया कि वे एक महीने से शराब की दुकान को गांव से अन्यत्र शिफ्ट किए जाने की मांग को लेकर तहसील के चक्कर काट रही हैं। कई बार एसडीएम के माध्यम से उन्हें ज्ञापन भेज चुकी हैं, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। मंडी के सामने खुली शराब की दुकान से गांव का माहौल खराब हो रहा है। ठेके के बाहर शराबियों का जमावड़ा लगा रहता है। इसके कारण महिलाएं अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रही हैं। इस पर एसडीएम ने महिलाओं को समझाने का प्रयास किया, लेकिन महिलाएं भड़क गईं। वे शराब की दुकान को तत्काल शिफ्ट किए जाने की मांग पर अड़ गईं। करीब आधा घंटा हंगामा काटने के बाद वन मंत्री ने शराब की दुकान पर आकर समाधान करने का आश्वासन दिया, तब जाकर महिलाएं शांत हुईं।
इसके बाद जनता दरबार में पहुंचे अन्य लोगों ने अपनी समस्या रखीं। काशीरामपुर तल्ला के लोगों ने जल निगम पर पानी की टंकी निर्माण में अनियमितता बरतने का आरोप लगाया। पानी की टंकी में लीकेज के कारण उन्हें पेयजल किल्लत से जूझना पड़ रहा है। उन्होंने दूषित पेयजल को लेकर नालों के अंदर से गुजर रही पाइप लाइन को शिफ्ट करने की मांग की।
जौनपुर और मानपुर के लोगों कहा कि पिछली बाढ़ में गिवंईस्रोत और पनियाली गदेरे में बही सुरक्षा दीवार का निर्माण नहीं कराया गया है। इसके कारण इस बरसात में भी लोगों के घरों में गदेरों का पानी घुसने की आशंका बनी हुई है।
वन मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने कहा कि लोगों की समस्याओं का समाधान करना सरकार की पहली प्राथमिकता है। इसके लिए सभी विभागों को समस्याओं के शीघ्र समाधान के निर्देश दिए गए हैं। कहा कि बरसात से पहले सभी सुरक्षा दीवारों का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। पुरानी पेयजल लाइनों को बदलने का काम आगे एक महीने में शुरू होगा।
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