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महिला उत्थान के बगैर सभ्य समाज की परिकल्पना नहीं

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mahila - फोटो : amarujala
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सतपुली/जयहरीखाल। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर सतपुली और जयहरीखाल क्षेत्रों में देर शाम तक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कई स्थानों पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ महिलाओं को सम्मानित किया गया। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि महिला उत्थान के बगैर सभ्य समाज की परिकल्पना नहीं की जा सकती है। जयहरीखाल पीजी कालेज में रेड रिबन क्लब एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के तत्वावधान में उत्तराखंड के विकास में महिलाओं का योगदान विषय पर भाषण एवं व्याख्यानमाला का आयोजन किया गया।
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सतपुली के माडर्न पब्लिक स्कूल परिसर में आयोजित महिला दिवस कार्यक्रम का शुभारंभ बतौर मुख्य अतिथि वन मंत्री डा. हरक सिंह रावत के विशेष कार्याधिकारी विनोद रावत ने किया। उन्होंने पुरुष प्रधान समाज में तेजी से अपनी पहचान बनाती महिलाओं को अन्यों के लिए प्रेरणास्रोत बताया। उन्होंने कई विभागों की ओर से महिला श्रमिकों के लिए चलाई जाने वाली योजनाओं की जानकारी देते हुए इनका लाभ उठाने की अपील की। आंदोलनकारी समीर रतूड़ी ने राज्य में महिलाओं के नाम पर बड़ी तादाद में खुले शराब के ठेकों को महिला सशक्तीकरण का कुत्सित रूप बताया। उन्होंने इसके खिलाफ मातृशक्ति को आगे आकर अलख जगाने की अपील की। इस मौके पर मुख्य अतिथि ने विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय कार्यों के लिए प्रियंका असवाल एवं भावना वर्मा को शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया। इस मौके पर जित्तू मियां राठौर और साथियों की प्रस्तुतियों पर दर्शक देर तक थिरकते रहे। गीता रावत की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम का संचालन संयोजक अनीता रावत ने किया। इस मौके पर समारोह आयोजक अरविंद निराला, आरती घिल्डियाल, जमनेश्वरी देवी, मुकेश चंद व प्रेम सिंह रावत समेत बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद थीं।
उधर, भक्तदर्शन राजकीय पीजी कालेज जयहरीखाल में आयोजित व्याख्यानमाला में महिला दिवस की थीम ‘बैलेंस फॉर बेटर’ पर चर्चा की गई। वरिष्ठ प्राध्यापक डा. एएन सिंह ने छात्राओं का आह्वान किया कि वे महान लक्ष्य को निर्धारित कर उसके लिए परिश्रम करें। इस मौके पर एनएसएस के वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डा. राकेश कुमार द्विवेदी, डा. रमाशंकर पांडेय, डा. मनोज यादव, डा. संजय मदान, डा. हिमानी, डा. पवनिका चंदोला, डा. मनीषा, डा. पारितोष उप्रेती व डा. डीसी बेबनी आदि ने विचार रखे।
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