कोटद्वार। सावधान! दीपावली के लिए खरीदी गई मिठाई कहीं आप और आपके परिवार की सेहत खराब न कर दे। इसके लिए लोग मिठाइयों की जगह ड्राईफ्रूट्स खरीद रहे हैं। मिलावट की आशंका के चलते खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी भी बाजारों में चेकिंग कर रहे हैं, लेकिन उनकी चेकिंग महज खानापूर्ति तक ही सिमट गई है।
कोटद्वार शहर और इससे जुड़े ग्रामीण अंचलों के बाजारों में बड़े पैमाने पर बिजनौर, मुजफ्फरनगर और मेरठ की रेडीमेड मिलावटी मिठाइयों की खेप पहुंच गई है। त्योहार पर मांग बढ़ते ही मिठाई ही नहीं, दूध, पनीर, मावा, घी व तेल में भी मिलावट की आशंका जताई जा रही है। मिलावटी खाद्य पदार्थों की आशंका के चलते लोगों ने मिठाइयों से मुंह फेरकर ड्राईफ्रूट की खरीदारी की।
दिवाली पर दूध, मावा, घी, तेल, पनीर व बेसन आदि खाद्य पदार्थों से बनी सामग्री का अधिक प्रयोग होता है। इसके चलते इसमें मिलावट की अधिक संभावना बनी रहती है। पौड़ी जिले में कोटद्वार सबसे संवेदनशील क्षेत्र है। यूपी की सीमा से सटे होने के चलते यहां पर उत्तर प्रदेश की ओर से भारी मात्रा में मावा और दूध से बनी सामग्री आती है। इसमें मिलावट की आशंका बनी हुई है। मिलावटी सामग्री को रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग चेकिंग तो कर रहा है, लेकिन इसके बावजूद चोरी छिपे यात्री बसों, ट्रक और टैक्सियों से मिलावटी सामान कोटद्वार ही नहीं समूचे गढ़वाल में पहुंच गया है।
खाद्य सुरक्षा विभाग के जिला अभिहित अधिकारी प्रमोद रावत का कहना है कि कोटद्वार में 26 सैंपल भरे गए हैं, जिसमें 12 सैंपल केवल मिठाइयों के हैं। अधोमानक मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।