दुगड्डा। विकासखंड की ग्रामपंचायत जमरगडी गके तोक ग्राम सुनारी गांव में भूधंसाव से घरों में बड़ी दरारें पड़ने से लोग दहशत में हैं। उन्होंने अनहोनी की डर से अपने घर छोड़ दिए हैं। प्रभावित परिवार घर के नजदीक खेत में झोपड़ी बनाकर अपना जीवन गुजारने को मजबूर हैं। प्रशासन की ओर से उनकी सुरक्षित स्थान पर ठहरने की व्यवस्था नहीं किए जाने के कारण ग्रामीण मायूस हैं।
सुनारी गांव में लगातार बारिश से गांव के चारों ओर भूस्खलन और भूधंसाव की स्थिति बनी हुई है, जिससे मकानों में दरारें बढ़ती जा रही हैं। लोग खेत में टेंट लगाकर रात गुजार रहे हैं। कार्बेट नेशनल पार्क से नजदीक होने के कारण जंगली जानवरों का खतरा बना हुआ है। लोग प्रशासन से सुरक्षित स्थान पर उनके ठहरने की व्यवस्था किए जाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन द्वारा उन्हें एक प्लास्टिक का तिरपाल पकड़ाकर अपना पल्ला झाड़ दिया है।
गांव की वृद्धा समुद्रा देवी, गीता देवी, दिनेश सिंह, उम्मेद सिंह, अर्पिता और बलवंत सिंह ने प्रशासन पर उनकी सुध नहीं लेने का आरोप लगाया। कहा कि भूधंसाव के कारण गांव का अस्तित्व खतरे में है, लेकिन गांव की सुध लेने को कोई भी जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी नहीं पहुंचे। उधर, जिलाधिकारी सुशील कुमार ने बताया कि दुगड्डा ब्लॉक के सुनारी गांव की वर्तमान स्थिति संज्ञान में नहीं है। स्थिति का जायजा लेने के लिए शीघ्र टीम को गांव में भेजा जाएगा।