कोटद्वार। सोशल मीडिया पर महिलाओं के चरित्र हनन से संबंधित आपत्तिजनक पोस्ट डालने के आरोप में कोतवाली पुलिस ने शहर के दो पत्रकारों के खिलाफ मानहानि समेत संबंधित धाराओं में नामजद मुकदमा दर्ज किया है। उधर, शहर के कुछ पत्रकारों ने बैठक कर इसे पत्रकारों का उत्पीड़न बताते हुए इसकी निष्पक्ष जांच की मांग के लिए मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है।
कोतवाल उत्तम सिंह जिमिवाल ने बताया कि निवर्तमान पालिकाध्यक्ष रश्मि राणा, गीता बुड़ाकोटी व लीला कर्णवाल समेत एक राजनीतिक दल से जुड़ी कई महिलाओं की ओर से एएसपी और सीओ को एक लिखित तहरीर दी गई थी। तहरीर में महिलाओं ने कहा है कि वे जनता की समस्याओं के समाधान के लिए जनहित में वन मंत्री डा. हरक सिंह रावत के कोटद्वार आगमन पर उनके कार्यालय, आवास और विश्राम गृह में उनसे मिलती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पत्रकार राज शिवाली और हिमांशु बडोनी एक वर्ष से राजनीति में सक्रिय महिलाओं के चरित्र हनन करने वाली पोस्ट सोशल मीडिया, व्हाट्सअप और फेसबुक में डाल रहे हैं। आरोपियों द्वारा सोशल मीडिया पर महिलाओं का नाम न लिखकर आपत्तिजनक पोस्ट डाल रहे हैं। पुलिस ने यह मामला आईपीसी की धारा 500, 501 और 354 (घ) में पंजीकृत कर लिया है।
उधर, पत्रकारों के खिलाफ दर्ज मुकदमे को पत्रकार उत्पीड़न की संज्ञा देते हुए शहर के पत्रकारों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है। पत्रकार सुधींद्र नेगी, धर्मवीर गुसाईं, हिमांशु बडोनी, विमल ध्यानी, चंद्रेश लखेड़ा, अजय सरल, राजेंद्र शिवाली उर्फ राज, जीतेंद्र भाटिया, अंजना गोयल, रंजना गुसाईं, गौरव गोदियाल, विनय कैंथोला, अवनीश अग्निहोत्री, अशोक केष्टवाल, राजेश सेमवाल, शराफत अली, अजय खंतवाल समेत कई पत्रकारों ने मुकदमा दर्ज किए जाने की घोर निंदा करते हुए सीएम से निष्पक्ष जांच की मांग की है।