कोटद्वार/रिखणीखाल। कॉर्बेट नेशनल पार्क की सीमा में पड़ने वाले रिखणीखाल ब्लाक का तैड़िया गांव जल्द ही सौर ऊर्जा से जगमगाएगा। नेशनल पार्क के कड़े कायदे कानूनों के कारण गांव का विद्युतीकरण न होने से शासन-प्रशासन ने गांव को सौर ऊर्जा से आच्छादित करने का निर्णय लिया है। ऊर्जा निगम के अधिकारियों की टीम ने गांव में सौर ऊर्जा लगाने के लिए सर्वेक्षण कर अपनी रिपोर्ट सरकार को भेज दी है। गांव के लोगों ने तीस संयोजन के लिए अपनी सहमति प्रदान कर दी है, जिससे गांव के सौर ऊर्जा से रोशन होने की उम्मीद जग गई है।
रिखणीखाल विकासखंड का तैड़िया गांव कार्बेट नेशनल पार्क के कड़े कायदे कानूूनों की मार झेल रहे हैं। वन विभाग न तो यहां सड़क निर्माण की मंजूरी दे रहा है और न ही गांव के विद्युतीकरण की। ग्रामीण लंबे समय से गांव के विद्युतीकरण की मांग उठा रहे हैं। ग्रामीणों की दिक्कत और पार्क के कायदे कानूनों के बीच अब शासन ने तैड़िया गांव में सोलर लाइट से रोशन करने का निर्णय लिया है। विद्युत वितरण खंड कोटद्वार के अधिशासी अभियंता रघुराज सिंह का कहना है कि कॉर्बेट पार्क में होने के कारण यहां विद्युत लाइन पहुंचाना संभव नहीं है, इसलिए गांव के विद्युतीकरण का एक मात्र विकल्प सौर ऊर्जा ही है।
तैड़िया विस्थापन और पुनर्वास समिति के अध्यक्ष डा. एपी ध्यानी का कहना है कि कॉर्बेट पार्क की सीमा में स्थित होने और कड़े वन कानूनों के चलते गांव के विस्थापन की प्रक्रिया भी प्रतीक्षित है, लेकिन शासन की ओर से अब तक न तो विस्थापन का ही मसला सुलझाया गया है, न ही गांव को अब तक बिजली, पानी और सड़क जैसी सहूलियतें ही दी हैं। कॉर्बेट पार्क की ओर से सीमांकन के बाद तैड़िया गांव विकास के लिए तरस गया है। लोग पलायन करने को मजबूर हैं।