कोटद्वार। कोटद्वार भाबर की 35 ग्राम पंचायतों के 73 गांवों को नगर निगम में शामिल करने के विरोध में नगर निगम विरोध संघर्ष समिति के अध्यक्ष डा. शक्तिशैल कपरवाण का आमरण अनशन बुधवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। उन्होंने कहा कि नगर निगम की सुनवाई हाईकोर्ट के जज से करवाई जाए। भाबर के कई ग्रामीण उनके समर्थन में तहसील मुख्यालय स्थित धरना-स्थल पर पहुंचे। ग्राम प्रधान संघ दुगड्डा ने नगर निगम के विरोध में चल रहे आंदोलन को अपना समर्थन दिया। इस मौके पर जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
नगर निगम विरोध संघर्ष समिति ने बुधवार को तहसील मुख्यालय में धरना-प्रदर्शन किया। आमरण अनशनकारी डा. शक्तिशैल कपरवाण को समर्थन देने के लिए पहुंचे ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और सरकार पर नगर निगम के मुद्दे पर हठधर्मिता का आरोप लगाया। क्रमिक अनशन पर बैठने वालों में यतेंद्र रूडोला, भगवती प्रसाद कंडवाल, हरीश भदोला, मनमोहन नेगी, प्रवेंद्र रावत, गोविंद डंडरियाल, प्रवेश चंद्र नवानी, बृजपाल सिंह नेगी, गजेंद्र तिवारी, भारत सिंह चौहान, अर्जुन सिंह नेगी, संदीप सुंदरियाल, विजय कंडारी, अनुसूया प्रसाद सेमवाल, मनोज जदली, नवीन चमोली, गिरीश पटवाल आदि शामिल रहे। प्रधान संघ के अध्यक्ष सुरेश रावत, चंद्रप्रकाश नैथानी, मनोज रावत, डबल सिंह रावत ने कहा कि सरकार के मंत्रियों के दबाव में जिला प्रशासन और उनके द्वारा गठित कमेटी भी निष्पक्ष ढंग से काम नहीं कर पा रही है। जनसुनवाई और आपत्तियों का निराकरण हाईकोर्ट के मौजूदा अथवा सेवानिवृत्त न्यायाधीश से कराई जानी चाहिए।
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