कोटद्वार। उत्तराखंड हाईकोर्ट द्वारा नगर निगम की अधिसूचना खारिज किए जाने के फैसले का यहां विभिन्न संगठनों ने स्वागत किया है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने झंडाचौक पर जमकर आतिशबाजी की और एक दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी मनाई। उधर, नगर निगम संघर्ष समिति के सदस्यों ने भी ढोल नगाड़ों के साथ आतिशबाजी की और मिठाई बांटकर खुशी का इजहार किया।
कांग्रेस की ओर से आयोजित कार्यक्रम में अध्यक्ष डा. चंद्रमोहन खर्कवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा हिटलरशाही रवैया अपनाते हुए बगैर जनसुनवाई के ही कोटद्वार को नगर निगम बनाए जाने की अधिसूचना जारी कर दी गई थी। इसका कांग्रेस कमेटी ने विरोध किया था। नगर निगम विरोधी संघर्ष समिति द्वारा कई दिनों तक नगर निगम के विरोध में जनआंदोलन भी चलाया गया था। साथ ही उच्च न्यायालय में भी नगर निगम के खिलाफ वाद दायर किया गया था। उच्च न्यायालय द्वारा संघर्ष समिति के वाद का संज्ञान लेते हुए महत्वपूर्ण एवं जनहित में लिए गए फैसले के तहत प्रदेश सरकार द्वारा जारी नोटिफिकेशन को ही रद्द कर दिया गया है।
इस मौके पर ब्लॉक प्रमुख सुरेश असवाल, नगर अध्यक्ष संजय मित्तल, विजय नारायण सिंह, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष सूरज प्रसाद कांति, विनोद रावत, राकेश मित्तल, आलोक रावत, हेमचंद पंवार, गौरव चौधरी, विजय पाल मेहरा, वीडी नवानी, कृष्ण चंद्र खंतवाल, भजन सिंह नेगी, विजय राम, प्रिया दत्त, ज्योति रावत, सुमन रावत, विमला जोशी, पूनम मेहरा, बबली देवी व रेणु रावत सहित कई लोग मौजूद थे।
नगर निगम संघर्ष समिति के सदस्यों को शुक्रवार दोपहर में जैसे ही हाईकोर्ट द्वारा नगर निगम की अधिसूचना खारिज किए जाने की सूचना मिली, समिति से जुडे सदस्य देवी मंदिर तिराहे पर एकत्र हो गए। उन्होंने ढोल नगाड़ों की थाप पर खूब ठुमके लगाए और एक दूसरे को मिठाई बांटते हुए जमकर आतिशबाजी की। संघर्ष समिति के अध्यक्ष डा. शक्तिशैल कपरवाण ने इसे उच्च न्यायालय का तानाशाही के खिलाफ दिया गया निर्णय बताया। कहा कि यह ग्रामीण जनता और आंदोलनकारियों की जीत है। सरकार ने बिना जनता को पूछे जबरन नगर निगम थोपने का प्रयास किया था, लेकिन क्षेत्रीय जनता के सहयोग से लंबे आंदोलन के बाद आज उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को सबक सिखाया है। उन्होंने प्रदेश सरकार से ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों के लिए बजट भिजवाने के साथ जिला विकास प्राधिकरण को भी समाप्त करने की मांग की।
समिति के उपाध्यक्ष प्रवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि इस फैसले से निराश ग्रामीणों को कोर्ट के प्रति विश्वास बढ़ा है। इस अवसर पर प्रवक्ता विजय ध्यानी, क्षेत्र पंचायत सदस्य राजाराम अंथवाल, प्रदीप नेगी, हरीश घिल्डियाल, गोविंद डंडरियाल, प्रवेश चंद्र नवानी, कोमल सजवाण, धर्मेंद्र रावत, विजय कंडारी, गजेंद्र तिवारी, चंद्रमोहन नेगी, राम सिंह, स्वयंबर भट्ट, महेंद्र सिंह आर्य, जीत सिंह रावत व शरद बिष्ट आदि मौजूद थे।