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साढ़े सात महीने बाद मालन नदी में खुला खनन, राहत

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कोटद्वार। साढ़े सात महीने के इंतजार के बाद कोटद्वार क्षेत्र की मालन नदी में शुक्रवार से खनन शुरू हो गया है। केंद्र सरकार के बाद शुक्रवार को उत्तराखंड शासन की ओर से वन निगम को खनन खुलवाने के लिए हरी झंडी मिल गई है। खनन न खुलने से निजी क्षेत्र के साथ ही सरकारी एजेंसियों को रेत, बजरी राज्य के बाहर से मंगवानी पड़ रहा था या फिर अवैध खनन से मिल रहे उपखनिज से काम चलाना पड़ रहा था।
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तेरह साल बाद कोटद्वार की मालन नदी में गत वर्ष 22 मार्च को खनन खुला था। करीब दो माह तक खनन के लिए नदी खुली रही थी। केंद्र सरकार के वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की गाइडलाइन के अनुसार 31 मई, 2017 को मानसून सत्र के लिए नदी में खनन कार्य बंद कर दिया गया था।
शुक्रवार को जैसे ही शासन की ओर से आनलाइन खनन प्रक्रिया खोली गई, वैसे ही वन निगम के प्रभागीय विपणन प्रबंधक राजेंद्र चौधरी, लैंसडौन के डीएफओ संतराम और एसडीएम कोटद्वार राकेश तिवारी ने मालन नदी में खनन प्रक्रिया शुरू करवा दी। पहले दिन एक ट्रैक्टर ट्राली रेत, बजरी की बेची गई।
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वन निगम के अनुभाग अधिकारी मुलायम सिंह बिष्ट और उत्तराखंड वन निगम कर्मचारी संघ के क्षेत्रीय अध्यक्ष जेपी बहुखंडी ने बताया कि मालन में खनन खुलने का निर्माण एजेंसियां और क्षेत्रवासी बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। शासन की ओर से वन निगम को मालन नदी में 12 हेक्टेयर क्षेत्रफल में 31 मई, 2018 तक खनन की अनुमति प्राप्त हुई है।
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