कोटद्वार। सीआईटीयू से संबंद्ध उत्तराखंड स्वास्थ्य आशा कार्यकत्री यूनियन ने अपनी मांगों के निराकरण की मांग को लेकर यहां तहसील मुख्यालय में धरना देते हुए प्रदर्शन किया। आशा कार्यकत्रियों ने तहसीलदार के माध्यम से मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को ज्ञापन भेजकर निश्चित मानदेय देने की मांग की है।
यूनियन की अध्यक्ष प्रभा चौधरी ने कहा कि आशा कार्यकत्रियां वर्ष 2007 से स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत हैं। आशा कार्यकत्रियों के कार्यों का समय से भुगतान नहीं किया जाता है, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट पैदा हो जाता है। कहा कि वर्ष 2012 में प्रदेश सरकार ने आशा कार्यकत्रियों के लिए प्रतिवर्ष पांच हजार रुपये की धनराशि देने की घोषणा की थी। उस घोषणा के बाद वर्ष 2014 में एक ही किश्त मिली और तीन वर्ष तक कोई किश्त नहीं मिली। कहा कि वर्ष 2016 में आशा कार्यकत्रियों के लिए दो हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय देने की घोषणा प्रदेश सरकार ने की थी, लेकिन वह भी सरकार ने अभी तक लागू नहीं की है। आशा कार्यकत्रियों ने प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग पर उनके साथ तानाशाही रवैैया अपनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से निश्चित मानदेय देने की मांग की है। प्रदर्शन में यूनियन उपाध्यक्ष मीरा नेगी, लक्ष्मी नेगी, बसंती रावत, रीता देवी, विजय लक्ष्मी, ऊमा देवी, विनीता काला, सरोज जदली, नीलम, सुनीता नेगी, कुसुुम रावत, सुमन राठौर, धनेश्वरी देवी, गोदांबरी देवी, लक्ष्मी गुसाईं व शांति देवी आदि मौजूद थे।
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