कोटद्वार/सतपुली। कल्जीखाल ब्लाक के डांगी और गढ़कोट ग्राम पंचायत के राजस्व ग्राम सुरालगांव और तकलना को राज्य गठन के 18 साल बाद भी सड़क से जुड़ने का इंतजार है। ग्रामीण लंबे समय से सड़क निर्माण की मांग को लेकर आंदोलित हैं, लेकिन उनके गांव तक सड़क नहीं पहुंच पा रही है। हर विधानसभा और लोकसभा चुनाव में नेता और अधिकारी उन्हें सड़क निर्माण का भरोसा दिलाते हैं, लेकिन धरातल पर कोई काम नहीं होता।
समाज सेवी जगमोहन सिंह डांगी, युवा मंगल दल अध्यक्ष अजय मोहन नेगी, महिला मंगल दल की सदस्य विमला देवी, महेश्वरी देवी, भगवंती देवी, मीनू देवी, रामनारायण कबटियाल, भुवनेश्वरी देवी, रीना देवी, शकुंतला देवी, मोहन नेगी, राजा नेगी व अशोक नेगी का कहना है कि उनका गांव दुर्गम क्षेत्र में पड़ता है। सड़क सुविधा नहीं होने पर ग्राम डांगी के ग्रामीणों ने अपनी आवाज बुलंद की तो 2014 के लोकसभा चुनाव में शासन और प्रशासन ने सड़क निर्माण की स्वीकृति प्रदान तो कर दी, लेकिन वित्तीय स्वीकृति नहीं मिलने से मामला अधर में लटक गया। 2017 के विधानसभा चुनाव के दौरान लोग कोरे आश्वासनों पर भड़क उठे और लोगों ने सड़क के लिए पाली तिराहा पर 35 दिन तक क्रमिक अनशन किया। एक सूत्रीय मांग को लेकर ग्रामीण दो बार जिला मुख्यालय पौड़ी भी पहुंचे। इसके बाद पाली से डांगी तक तीन किमी सड़क मंजूर हुई। कार्यदायी संस्था ने प्रथम चरण का कार्य पूरा कर दूसरे चरण के लिए प्राक्कलन शासन को भेज दिया है, लेकिन इस एलाइननेंट में भी दो गांव सुरालगांव और तकलना सड़क से नहीं जुड़ सके। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें मुख्य मार्ग तक पहुंचने के लिए तीन से पांच किमी पैदल दूरी तय करनी पड़ रही है। बीमार और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाना किसी चुनौती से कम नहीं है।
मार्ग के तीन किमी के निर्माण की स्वीकृति शासन से फरवरी में मिल चुकी है। निर्माण कार्य द्वितीय चरण की स्वीकृति के बाद शुरू कर दिया जाएगा। यदि कोई गांव सड़क सुविधा से छूट जाता है तो द्वितीय चरण में प्राक्कलन तैयार कर शासन को भेजा जाएगा।
-अरुण कुमार पांडे, ईई लोनिवि प्रांतीय खंड पौड़ी