कोटद्वार। राजकीय बेस अस्पताल कोटद्वार की स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं। अस्पताल में तैनात एकमात्र निश्चेतक के अवकाश पर चले जाने के कारण दो दिन से ऑपरेशन थिएटर ठप पड़ा हुआ है। अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में ऑपरेशन के इंतजार में मरीज कराह रहे हैं। यही नहीं, ऑपरेशन के अभाव में अस्पताल में भर्ती मरीजों को अब जबरन रेफर किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग दस दिन के लिए भी एक निश्चेतक की व्यवस्था नहीं कर पा रहा है। शिकायत के बाद भी अधिकारी अनजान बने हुए हैं।
कोटद्वार अस्पताल में वर्षों से एकमात्र निश्चेतक डाक्टर तैनात है। पूर्व में संयुक्त चिकित्सालय होने के कारण अस्पताल प्रबंधन किसी प्रकार से एक निश्चेतक से काम चला रहा था, लेकिन अस्पताल को बेस का दर्जा मिलने के कारण यहां ऑपरेशनों का भार बढ़ गया। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का आलम यह है कि अस्पताल को बेस का दर्जा दिए जाने के बाद भी यहां एक अन्य निश्चेतक की तैनाती नहीं की गई। वर्तमान में अस्पताल में एकमात्र निश्चेतक डाक्टर हड्डी, गायनी, जनरल सर्जनी, मेजर सर्जरी और दुर्घटना में गंभीर घायलों के ऑपरेशन की जिम्मेदारी संभाले हुए है। उनके दस दिन के अवकाश पर चले जाने के कारण अस्पताल में ऑपरेशन ठप पड़े हुए हैं।
अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में भर्ती काशीरामपुर मल्ला निवासी रोहित कुमार, ध्रुवपुर निवासी कुलवीर सिंह, बढ़ापुर निवासी टीकम अपने ऑपरेशन के इंतजार में कराह रहे हैं, जबकि गंभीर घायल च्वींचा गांव पौड़ी निवासी सरिता नेगी और ग्वाड़ मल्ला गांव एकेश्वर निवासी शुभम को ऑपरेशन नहीं होने के कारण रेफर कर दिया गया है।
उधर, सीएमओ पौड़ी ने बताया कि उन्हें कोटद्वार अस्पताल से निश्चेतक डा. एसडी आर्य के अवकाश पर जाने की जानकारी नहीं है। डीजी हेल्थ से निर्देश मिलने पर कोटद्वार अस्पताल में निश्चेतक डाक्टर की व्यवस्था की जाएगी।
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बेस अस्पताल की ओपीडी नए भवन में शिफ्ट, राहत
मरीजों को एक ही स्थान पर मिले सभी डाक्टरों के केबिन
अमर उजाला ब्यूूूरो
कोटद्वार। राजकीय बेस अस्पताल में ओपीडी के नए भवन में शिफ्ट होने से अब लोगों को डाक्टरों के केबिन ढूंढने के लिए भटकना नहीं पड़ रहा है।
सोमवार को अस्पताल के सीएमएस डा. आईएस सामंत के निर्देशन में ओपीडी का नए भवन में संचालन शुरू हो गया। लोगों को ओपीडी पर्ची कटाते ही सामने डाक्टरों की केबिन के बाहर नेम प्लेट नजर आने लगी, जिससे लोग आसानी से डाक्टर तक पहुंचे।
अस्पताल पहुंचे पदमपुर निवासी राजेंद्र सिंह नेगी, शिब्बूनगर निवासी विमला ध्यानी, लकड़ी पड़ाव निवासी हिना कुरैशी, मोटाढांक निवासी सुरेंद्र सिंह रावत ने अस्पताल प्रबंधन द्वारा बनाई गई ओपीडी की व्यवस्था की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि पर्ची काटने के कक्ष के पास डाक्टरों की बैठने की व्यवस्था से मरीजों को अब डाक्टर की केबिन को ढूंढने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
उधर, अस्पताल के सीएमएस डा. आईएस सामंत ने बताया कि मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अस्पताल की व्यवस्थाएं बनाई जा रही हैं। अगले सप्ताह तक ऑपरेशन थिएटर और सर्जिकल वार्ड को भी नए भवन में शिफ्ट कर दिया जाएगा।
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