कोटद्वार। सहकारी दुग्ध संघ हरिद्वार के अधीन कार्य कर रहे दुग्ध अवशीतन केंद्र कोटद्वार से जुड़ी भाबर क्षेत्र की दुग्ध उत्पादक समितियों ने दूध का एसएनएफ (सोलिड नॉट फैड) का मानक स्तर 8:10 करने के फैसले का विरोध किया। उन्होंने कहा कि समितियों को पिछले तीन महीने से दुग्ध उत्पादन का मूल्य नहीं मिला है। ऐसे में दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ हरिद्वार की ओर से समितियों के दूध का एसएनएफ मानक बढ़ाने का निर्णय न्यायसंगत नहीं है।
बुधवार को भाबर क्षेत्र की दुग्ध उत्पादक समिति शिवराजपुर, नयाबाद, उदयरामपुर और नंदपुर के सदस्यों ने अवशीतन केंद्र के प्रभारी केपी सिंह से वार्ता कर अपनी समस्याओं से अवगत कराया। शिवराजपुर समिति की अध्यक्ष सतेश्वरी कैंथोला ने कहा कि वर्तमान में भाबर क्षेत्र की समितियों के दुग्ध का एसएनएफ मानक 7.5 से 8 तक ही हो पाता है। ऐसे में हरिद्वार के दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ की ओर से मौखिक रूप में समितियों के दूध का एसएनएफ मानक 8.10 करने का निर्णय लिया है। निर्णय में कहा गया है कि जिन समितियों के दूध का एसएनएफ का मानक 8:10 से कम होगा, उनका दूध नहीं लिया जाएगा। समितियों के सदस्यों ने कहा कि पिछले तीन महीने से कोटद्वार के दुग्ध अवशीतन केंद्र से समितियों को दूध का भुगतान नहीं हुआ है। उन्होंने जल्द ही समितियों को दूध उत्पादन का मूल्य देने और दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति हरिद्वार की तर्ज पर दूध के मूल्य में दो रुपये की बढ़ोतरी करने की मांग की है।
इस दौरान समिति की सचिव सावित्री देवी, भुवनेश्वरी, सरोजनी देवी, सुमन देवी व राजेंद्र प्रसाद आदि मौजूद रहे।
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