कोटद्वार। नेशनल हाईवे अथारिटी की अनदेखी के चलते जहां नजीबाबाद-कोटद्वार नेशनल हाईवे संख्या-534 बदहाल हालत में पहुंच गया है, वहीं उत्तराखंड और यूपी के ग्रामीणों ने यूपी और केंद्र सरकार को आइना दिखाते हुए खुद ही सड़कों पर पड़े गड्ढों को भरना शुरू कर दिया है। इससे इस मार्ग पर आवाजाही करने वाली सवारियों को हिचकोलों से निजात मिल गई है।
नजीबाबाद-कोटद्वार नेशनल हाईवे पर गढ़वाल के लोग आवाजाही करते हैं। कई सालों से सड़क का रखरखाव न होने से कोटद्वार-नजीबाबाद के बीच 25 किमी के पैच पर सड़कों पर गड्ढे पड़ गए हैं। कई स्थानों पर तो पूरी सड़क गड्ढों में तब्दील हो गई है। मोटाढांक तल्ला की प्रधान अनीता दुदपुड़ी, पूर्व प्रधान
मनमोहन दुदपुड़ी और तेलीपाड़ा ग्राम पंचायत की प्रधान रुचि ध्यानी व पूर्व प्रधान नीलकंठ ध्यानी ने बताया कि लोगों की परेशानी को देेखते हुए उन्होंने इन गड्डों को रेत और बजरी से भरने का निर्णय लिया। दो दिन में 25 किमी सड़क के करीब पांच दर्जन से अधिक गड्ढों को भर दिया गया है। इससे गढ़वाल की सवारियों को काफी राहत मिली है। कहा कि जो काम सरकार को खुद करना चाहिए था, उसके लिए लोगों को आगे आना पड़ा। उन्होंने सरकार से कोटद्वार-नजीबाबाद के बीच की सड़क के सुदृढ़ीकरण की मांग की।
सीएम योगी से लगाई सड़क को गड्ढामुक्त करने की गुहार
कोटद्वार। वाल आफ काइंडनेस संस्था के संयोजक मनोज नेगी ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ और उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत को पत्र भेजकर कोटद्वार-नजीबाबाद हाईवे को गड्ढामुक्त करने की मांग की है। कहा कि कोटद्वार-नजीबाबाद मार्ग पर गढ़वाल के लोग सफर करते हैं, लेकिन यहां सड़क बदहाल स्थिति में पहुंच गई है। कहा कि कोटद्वार से नजीबाबाद तक सड़क पर जानलेवा गड्ढे बन गए है।
-फोटो