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गांवों को सुविधाएं उपलब्ध कराकर बनाएं स्मार्ट विलेज

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कोटद्वार। ग्रामीण विकास नागरिक विचार मंच के पांचवें स्थापना दिवस पर आयोजित गोष्ठी में लोगों ने नगर निगम के पक्ष और विरोध में विचार रखे। कहा कि देश की आत्मा गांवों में बसती है, इसलिए गांवों को स्मार्ट विलेज बनाया जाना चाहिए। कहा कि अर्द्धनगरीय स्वरूप धारण कर चुके शहर से सटे गांवों को पालिका अथवा नगर निगम में शामिल करने का विरोध नहीं होना चाहिए, लेकिन ठेठ ग्रामीण परिवेश वाले गांवों को निगम में शामिल करने से कोई लाभ नहीं होगा।
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बालासौड़ मार्ग स्थित संगम रिसोर्ट में आयोजित समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि पूर्व चिकित्साधिकारी डा. चंद्रमोहन बड़थ्वाल, एमकेवीएन के संस्थापक प्रकाश चंद्र कोठारी, साहित्यांचल के अध्यक्ष शिव प्रकाश कुकरेती ने किया। गढ़वाल सभा के अध्यक्ष योगंबर सिंह रावत ने गांवों को सुविधा संपन्नकर उन्हें स्मार्ट विलेज बनाने पर जोर दिया। पूर्व प्रधानाचार्य डीसी भट्ट, डा. चंद्रमोहन बड़थ्वाल और डा. नागेंद्र ध्यानी ने जहां एक ओर नगर निगम की पैरवी की, वहीं नरेंद्र सिंह रावत ने नगर निगम का विरोध करते हुए इसे गांवों पर जबरन थोपने की बात कही। उन्होंने कहा कि कोटद्वार शहर में कई सालों से अधूरा पड़ा मोटर नगर स्थानीय निकाय की विफलता का प्रमाण है। अध्यक्षता प्रकाशचंद्र कोठारी और संचालन मंच के अध्यक्ष प्रवेश चंद्र नवानी ने किया।
गोष्ठी में पुरुषोत्तम सुंद्रियाल, हरिचरण चतुर्वेदी, बीरेंद्र सिंह गुसाईं, महेशानंद कंडवाल, गायत्री भट्ट, विद्यादत्त रतूड़ी, हरीश चंद्र भदोला, सत्यप्रकाश थपलियाल, एसएन नौटियाल, शशिप्रभा रावत, शशि किरन कंडवाल, मंजू जखमोला, सुरेंद्र लाल आर्य, विकास आर्य, गजेंद्र मोहन धस्माना, कै. पीएल खंतवाल आदि मौजूद रहे।
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