जयहरीखाल। यहां राजीव गांधी अभिनव आवासीय विद्यालय चार संविदा शिक्षकों के भरोसे चल रहा है। नाम आवासीय विद्यालय है, लेकिन बच्चों के लिए आवास की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। व्यवस्थाओं के अभाव में छात्र विद्यालय छोड़ने को मजबूर हैं। अभी तक सात छात्र विद्यालय छोड़ चुके हैं।
वर्ष 2014 से स्थापित राजीव गांधी अभिनव विद्यालय बदहाली के दौर से गुजर रहा है। शासन द्वारा राजकीय इंटर कालेज जयहरीखाल के ब्रिटिशकाल में बने पुराने छात्रावास की जर्जर इमारत को विद्यार्थियों के आवासीय परिसर के लिए तैयार करने की योजना बनाई थी, लेकिन इसके जीर्णोद्धार के लिए 1.35 करोड़ रुपये स्वीकृत होने के बाद भी इसका काम दो वर्षों से कछुआ गति से चल रहा है। शिक्षा विभाग के अधिकारी भी इससे बेखबर बने हुए हैं। आवास की पुख्ता व्यवस्था नहीं होने से बच्चों को अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आवासीय कठिनाइयों से परेशान होकर सात मेधावी छात्र विद्यालय छोड़ गए हैं।
अभिनव विद्यालय के पीटीए अध्यक्ष मनमोहन सिंह थापा, जयहरीखाल प्रधान संघ अध्यक्ष हरिमोहन रावत, पूर्व जिला पंचायत सदस्य दीपक भंडारी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर विद्यालय में प्रधानाचार्य और पर्याप्त शिक्षकों की तैनाती के साथ ही आवासीय व्यवस्था किए जाने की मांग की है। उन्होंने चेताया कि नए सत्र में विद्यालय की व्यवस्थाएं दुरुस्त न होने की स्थिति में क्षेत्रवासी आंदोलन की राह पकड़ेंगे। उधर, बीईओ ने बताया कि बजट के अभाव में आवासीय विद्यालय का काम पूरा नहीं हो पा रहा है, इसके लिए शासन को लिखा गया है। बजट आते ही विद्यालय का कार्य पूरा कर छात्रों को सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी।