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हाथी से परेशान ग्रामीणों ने डीएफओ कार्यालय में किया प्रदर्शन

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कोटद्वार। 10 दिन से हाथी की दहशत से परेशान घाड़ क्षेत्र के रामणी गांव निवासियों का आखिरकार सब्र का बांध टूट गया। मंगलवार को वन विभाग से मदद नहीं मिलने से आक्रोशित ग्रामीणों ने का डीएफओ कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन कर उनका घेराव किया।
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मंगलवार को जिला पंचायत सदस्य भरत नेगी के नेतृत्व में ग्रामीण डीएफओ कार्यालय पहुंचे। उन्होंने वन विभाग पर जंगली जानवरों पर अंकुश नहीं लगाने का आरोप लगाते हुए डीएफओ कार्यालय के समक्ष नारेबाजी की। इसके बाद उन्होंने डीएफओ संतराम का घेराव किया। ग्रामीणों ने विभाग पर जंगली जानवरों पर लगाम नहीं लगाने का आरोप लगाया। कहा कि रामणी गांव के काश्तकार सब्जी का उत्पादन कर अपनी जीविका चलाते हैं। पिछले 10 दिन से गांव में लगातार हाथी धमककर उनकी उगाई गई सब्जी को नुकसान पहुंचा रहा है। वन विभाग से लगातार इसकी शिकायत की जाती है, लेकिन विभाग हाथी को रोकने के लिए उपाय नहीं कर रहा है। उनके नुकसान के बदले उन्हें कम मुआवजा दिया जाता है। ग्रामीणों ने डीएफओ से हाथी को रोकने के लिए इलेक्ट्रिक फेंसिंग लगाने की मांग की।
डीएफओ ने ग्रामीणों की मांग को जायज बताते हुए रेंज अधिकारियों को मौके पर जाकर इलेक्ट्रिक फेंसिंग के लिए कार्रवाई करने और तब तक गांव में गश्त करने के निर्देश दिए।
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इस अवसर पर क्षेत्र पंचायत सदस्य दीपा रावत, ग्राम प्रधान रामणी मोहन सिंह नेगी, रमेश भंडारी, कुसुम देवी, सुशीला नेगी, उमा नेगी, सबिता देवी, बलवीर सिंह, महेंद्र सिंह, बचन सिंह, सोहन सिंह नेगी, बुद्धि सिंह, जसपाल सिंह नेेगी, पूरण सिंह व बचन सिंह नेगी आदि मौजूद थे।

-फोटो

रामड़ी गांव में हाथियों के झुंड ने रौंदी फसल
ग्रामीणों ने लैंसडौन वन प्रभाग से उठाई मुआवजे की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
कोटद्वार। लैंसडौन वन प्रभाग क्षेत्र के अंतर्गत रामड़ी गांव में हाथियों के झुंड ने फसलें रौंद दीं। ग्रामीणों ने लैंसडौन वन प्रभाग के डीएफओ को पत्र सौंपकर मुआवजे की मांग की है।
क्षेत्र पंचायत सदस्य न्याय पंचायत उर्त्तिछा दीपा देवी व जिला पंचायत सदस्य फतेहपुर तल्ला जसपाल नेगी ने बताया कि रामड़ी गांव में 10 जनवरी से हाथियों के झुंड खेतों में आकर फसल रौंद रहा है। इससे काश्तकारों को भारी नुकसान हुआ। बताया कि कई बार वन विभाग को लिखित और मौखिक रूप से सूचित किया गया, लेकिन इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने वन विभाग से शीघ्र उचित मुआवजा दिए जाने की मांग की है। ज्ञापन में सुशीला देवी, शोभा देवी, बुद्धि सिंह, बलवीर सिंह, भगुली देवी, कुसुमा देवी, सविता देवी, हरबंस सिंह, चैन सिंह, महेंद्र सिंह, उमा देवी, गोकुल सिंह, दर्शन सिंह व रमेश भंडारी के हस्ताक्षर हैं।
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