कोटद्वार। ऊर्जा क्षेत्र के तीनों निगमों का एकीकरण करने समेत छह सूत्री मांगों के निराकरण की मांग को लेकर ऊर्जा कामगार संगठन से जुड़े बिजली कर्मचारियों ने सोमवार को काला फीता बांधकर काम किया। कहा कि संगठन लंबे समय से कर्मचारियों की जायज मांगों के समाधान की मांग कर रहा है, लेकिन उनकी अनदेखी की जा रही है। कहा कि आगामी 23 अगस्त तक उनका काम के साथ ही मांगों का समाधान न होने पर विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
उत्तराखंड ऊर्जा कामगार संगइन की खंडीय कमेटी के अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह नेगी और सचिव सौरभ तिवारी की अगुवाई में बिजली कर्मचारियों ने उपनल और संविदा के माध्यम से कार्यरत कार्मिकों को सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार समान कार्य के लिए समान वेतन देने की मांग की। संगठन ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिश को तत्काल लागू करने, 30 सितंबर, 2005 तक नियुक्त कार्मिकों को जीपीएफ आच्छादित पेंशन का लाभ देने, तकनीकी संवर्ग के कर्मचारियों को अवर अभियंता के पद पर पदोन्नत करने, सभी संवर्गों में रिक्त पदों के सापेक्ष अविलंब नियुक्ति प्रक्रिया प्रारंभ करने और ऊर्जा के तीनों निगमों का एकीकरण करने की मांग की गई।
इस मौके पर प्रदीप बडोला, देवी सिंह रावत, कृष्णकांत थपलियाल, मनोज कुशवाह, बीरेंद्र सिंह, दीपक बिष्ट, मान सिंह पटवाल, सचिन कुमार, अशोक कुमार, मिलन कुमार, गौरव तिवारी, प्रवीन ध्यानी, बलबीर सिंह रावत, कुलदीप सिंह, संजय रावत, भरत सिंह नेगी, अनिल उनियाल, एके भटनागर, राजेंद्र गुसाईं, राजेंद्र नेगी, मदन मोहन नेगी, रघुनाथ नेगी, मदन नेगी, आशीष रावत, एसएस नेगी, नितेश सिंह, जगमोहन कंडारी, जगमोहन चौहान, अंकिता रावत, बीना चौहान, कमला बिष्ट, सावित्री देवी, जसदेई नेगी, दिव्या नेगी, सविता बडोला, पूनम रावत, विमला रावत, मधु घिल्डियाल, गुड्डी कुगशाल आदि मौजूद थे।