कोटद्वार। गत दो जुलाई को पनियाली गदेरे में आई बाढ़ से मानपुर वार्ड के बिष्ट कालोनी और वाल्मीकि बस्ती में घुसे मलबे को प्रशासन अभी तक साफ नहीं करा पाया है, जिससे लोगों में प्रशासन के खिलाफ गहरा रोष है। शुक्रवार सुबह हुई बारिश के दौरान सड़कों में फैले मलबे के कारण लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। लोगों ने नगर निगम प्रशासन से क्षेत्र से बाढ़ का मलबा हटाने की मांग उठाई है।
गत दो जुलाई को क्षेत्र में हुई मूसलाधार बारिश के चलते पनियाली गदेरे में आई बाढ़ का पानी और मलबा बिष्ट कालोनी, वाल्मीकि बस्ती, शिवालिक नगर और कौड़िया में घुस गया था। आपदा के तीन दिन बाद भी नगर निगम प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में सड़कों में जमा मलबा नहीं हटा पाया है। बिष्ट कालोनी निवासी नरेंद्र कुमार, राजेंद्र सिंह, मनीष कुमार, राजन व बबलू आदि ने बताया कि नगर निगम प्रशासन ने सड़कों में लोगों के घरों के आगे मलबे के ढेर लगाकर छोड़ दिए हैं, जबकि काफी मलबा सड़कों पर ही फैला हुआ है। हल्की बारिश में भी सड़क में कीचड़ और फिसलन हो रही है, जिससे जहां एक ओर पैदल आवाजाही करने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, वहीं मार्ग पर दुर्घटना होने की आशंका भी बनी हुई है। नगर निगम प्रशासन की ओर से मलबा उठान की व्यवस्था नहीं होने से लोग मलबे को पनियाली गदेरे में फेंक रहे हैं, जिससे पनियाली गदेरे में पुल के नीचे मलबे का ढेर लग गया है। इसके अलावा सिंचाई विभाग द्वारा गदेरे का चैनलाइजेशन कर गदेरे के किनारों मलबे के ढेर लगाए जा रहे हैं, जिससे एक बार फिर क्षेत्र में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। लोगों ने सड़कों और गदेरे में लगे मलबे के ढेर को अविलंब उठाने की मांग की है।
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