यमकेश्वर। यमकेश्वर ब्लाक के कई गांवों में पेयजल की आपूर्ति ठप होने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि लोगों को पीने के पानी के लिए दो से तीन किमी की दौड़ लगानी पड़ रही है। जल संस्थान द्वारा गांवों में टैंकरों से पानी की आपूर्ति की जा रही है, लेकिन इसके बाद भी ग्रामीणों को पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। लोगों ने अधिक पानी की आपूर्ति करने की मांग की है।
यमकेश्वर ब्लाक के ग्राम पंचूर, मुजरा, पोखरी, पोखरीडांडा, भडेत, तूनखाल, पाटा व नीलकंठ आदि गांवों में पेयजल का संकट गहरा गया है। इन गांवों में जल संस्थान द्वारा टैंकरों से पीने के पानी की सप्लाई की जा रही है, लेकिन जल संस्थान के टैंकरों से की जा रही पानी की सप्लाई से भी ग्रामीणों को पूरा पानी नहीं मिल पा रहा है। लोगों को टैंकरों से चार से पांच बर्तन पानी ही मिल रहा है। ग्रामीण प्रदीप सिंह, संतोष सिंह, बचन सिंह, दिनेश चंद्र, कीर्ति मोहन व बलदेव सिंह आदि का कहना है कि जल संस्थान द्वारा टैंकरों से की जा रही पानी की सप्लाई से घर की जरूरत और पालतू जानवरों के लिए पानी की आपूर्ति पूरी नहीं हो पा रही है। उन्होंने जल संस्थान से और अधिक पानी की सप्लाई करने की मांग की है। जल संस्थान के अवर अभियंता रतन सिंह रावत ने बताया कि क्षेत्र में टैंकरों के माध्यम से पानी की आपूर्ति की जा रही है। यदि किसी गांव में फिर भी पानी की कमी रह जाती है तो और टैंकरों से पानी की आपूर्ति की जाएगी।
नयार से पानी ढो रहे हैं लोग
बैजरो में 10 दिन से पेयजल आपूर्ति ठप
बैजरो। क्षेत्र के मुख्य बाजार बैजरो कस्बे में विगत 10 दिन से पेयजल आपूर्ति ठप है। बाजार को पेयजल आपूर्ति करने वाली पेयजल योजना का करीब ढाई सौ मीटर हिस्सा बह गया है। लोग पूर्वी नयार नदी से पानी ढोने को मजबूर हैं।
10 दिन पूर्व बैजरो को पेयजल आपूर्ति कराने वाले बापता स्रोत के ऊपर बादल फटने से बैजरो पेयजल योजना की लगभग 250 मीटर लाइन बह गई। इसके चलते बाजार के व्यापारी, होटल मलिक और स्थानीय निवासियों को पेयजल किल्लत का सामना करना पड रहा है।
स्थानीय निवासी सुमन ढौंडियाल का कहना है कि इस पेयजल योजना के बाधित होने से जहां स्थानीय निवासी पानी के लिए भटकर रहे हैं, वहीं व्यापारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दैनिक कामों के लिए लोग पूर्वी नयार से पानी ढो रहे हैं।
उधर, जलसंस्थान के कनिष्ठ अभियंता सौरव पांडे ने बताया कि पेयजल योजना के स्रोत के ऊपर बादल फटने के कारण योजना बाधित हो गई है। शीघ्र योजना की मरम्मत कर क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति सुचारु कर दी जाएगी।