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नैनीडांडा ब्लाक के 60 गांवों को सात साल से पानी का इंतजार

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कोटद्वार। पौड़ी जिले के सुदूर पर्वतीय क्षेत्र नैनीडांडा ब्लाक के 60 गावों के ग्रामीणों की प्यास बुझाने के लिए बनी नैनीडांडा पंपिंग योजना सरकारी मशीनरी की उपेक्षा का दंश झेल रही है। पेयजल किल्लत से जूझती हजारों की आबादी को पिछले सात वर्षों से पानी का इंतजार है लेकिन 1837.56 लाख रुपये लागत की पंपिंग योजना का अभी तक पूरा कार्य नहीं हो पाया हैं। विभागीय लापरवाही का आलम यह है कि योजना पर करीब 90 प्रतिशत काम होने के बाद भी अभी तक ऊर्जा निगम द्वारा पंपिंग स्टेशन के लिए अलग से फीडर नहीं लगाया गया है। जल निगम अभी तक सभी 60 गावों की पेयजल लाइन की टेस्टिंग नहीं कर सका है। जिसके चलते आज भी लोग भीषण गर्मी में ग्रामीण गाड-गदेरों से पानी ढो रहे हैं।
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नैनीडांडा क्षेत्र में भीषण पेयजल किल्लत को देखते हुए ग्रामीणों की वर्षों पुरानी मांग पर सरकार ने वर्ष 2012 में राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल आपूर्ति कार्यक्रम के तहत नैनीडांडा पंपिंग योजना के लिए 1837.56 लाख रुपये स्वीकृत किए थे। योजना पर करीब 75 प्रतिशत काम पूरा होने के बाद बीच में कुछ साल शासन द्वारा बजट नहीं मिलने के कारण योजना पर कार्य रुका रहा। एक वर्ष पूर्व त्रिवेंद्र सरकार ने योजना संचालन के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध कराकर मार्च तक योजना पूरी करने के जल निगम को निर्देश दिए थे। लेकिन, विभागों की सुस्त कार्यप्रणाली के चलते अभी तक योजना शुरू नहीं हो सकी है।
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कहते हैं अधिकारी
नैनीडांडा पंपिंग योजना में विद्युत फीडर की टेस्टिंग का कार्य किया जा रहा है। शीघ्र फीडर चालू कर पंपिंग का कार्य शुरू करा दिया जाएगा। वर्षों पुरानी बिछी हुई पेयजल लाइन कई जगह क्षतिग्रस्त होने से टेस्टिंग में दिक्कतें आ रही हैं। शीघ्र सभी गावों में पेयजल उपलब्ध करा दिया जाएगा।
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- सरिता गुप्ता, अधिशासी अभियंता जल निगम कोटद्वार
- फोटो समाचार
जारी-
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