किशनपुर (कोटद्वार)। लालढांग-चिलरखाल मार्ग के निर्माण को वन विभाग द्वारा रोकने के आदेश से आक्रोशित पूूर्व सैनिकों ने मार्ग पर सिगड्डी स्रोत पहुंचकर सड़क पर कार्य कर रहे श्रमिकों को अपना समर्थन दिया। उन्होंने वन विभाग से गढ़वाल-कुमाऊं को जोड़ने वाली एकमात्र सड़क के निर्माण में अडंगा नहीं डालने की मांग की। ऐसा नहीं होने पर सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने की चेतावनी दी।
बुधवार को पूर्व सैनिक सेवा परिषद के पदाधिकारी लालढांग-चिलरखाल मार्ग पर सिगड्डी स्रोत में निर्माणाधीन पुल के पास पहुंचे। उन्होंने निर्माण कार्य में लगी कार्यदायी संस्था के अधिकारियों और श्रमिकों से मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने वन विभाग पर विकास कार्यों में रोड़ा अटकाने का आरोप लगाया। कहा कि जनता की गाढ़ी कमाई का करोड़ों रुपये सड़क निर्माण पर लगाया गया है, ऐसे में अधूरे निर्माण कार्य पर वन विभाग रोक लगाकर जनता के पैसों का दुरुपयोग कर रहा है। जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कहा कि सड़क निर्माण कार्य रोकने से जितना कार्य अब तक हो चुका है वह बरसात में खराब हो जाएगा। इसलिए बरसात से पहले पुलों का निर्माण होना बहुत जरूरी है। लेकिन, वन अधिकारी जनभावनाओं की अनदेखी कर रहे हैं, जिसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ सकता है। पूर्व सैनिकों ने कहा कि हर हाल में मार्ग का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए पूर्व सैनिक वन मंत्री डा. हरक सिंह के साथ हैं। चेताया कि डीएफओ ने आगे इस मार्ग के निर्माण कार्य रोकने की कोशिश की तो पूर्व सैनिक डीएफओ का घेराव करने को मजबूर होंगे।
इस अवसर पर पूर्व सैनिक सेवा परिषद के अध्यक्ष गोपाल कृष्ण बड़थ्वाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष कैप्टेन सीपी डोबरियाल (सेनि), अनूप बिष्ट, सुुभाष कुकरेती, सुरेश रावत, श्रीधर प्रसाद केस्टवाल, जीएम धस्माना, कुबेर सिंह जलाल, इंद्रमणी जोशी, सुरेंद्र बिजलवाण, लोकमणी पोखरियाल आदि मौजूद थे।