कोटद्वार। कोषागार निदेशालय की लापरवाही का खामियाजा कोटद्वार और निकटवर्ती पर्वतीय क्षेत्रों के पेंशनरों को भुगतना पड़ रहा है। ट्रेजरी के ऑन लाइन साफ्टवेयर में तकनीकी खामियों के कारण करीब 1800 पेंशनरों और 500 कर्मचारियों को पिछले दो महीने से भुगतान नहीं हो पाया है।
एक अप्रैैल को कोटद्वार की ट्रेजरी को पेपर लेस करने के लिए कोषागार निदेशालय देहरादून द्वारा इंटीग्रेटेड फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम (आईएफएमएस) सॉफ्टवेयर को लोड किया गया था। लेकिन, इसके सुचारु रूप से संचालन नहीं होने और तकनीकी खामियों के कारण ट्रेजरी का पूरा कार्य एक अप्रैल से ठप पड़ा हुआ है। विभागीय आकड़ों के अनुसार मार्च के महीने से करीब 1800 लोगों को पेशन नहीं मिल सकी है। कई विभागों के हजारों कर्मचारियों का वेतन रिलीज नहीं हो पाया है। पारिवारिक पेंशन के डाटा में संशोधन नहीं हो पा रहा है। पेंशनर की मृत्यु होने पर उसके परिजनों की पेंशन की कार्रवाई नहीं हो रही है। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के आश्रितों की पेंशन का डाटा फीड नहीं हो रहा है। जीपीएफ और सातवें वेतनमान का एरियर का भुगतान भी नहीं हो रहा है। 31 मार्च के बाद सेवानिवृत कर्मचारियों के पेशन प्रपत्र भी ऑनलाइन नहीं हो रहे हैं।
उधर, ट्रेजरी अधिकारी ऋचांशु शर्मा ने बताया कि ट्रेजरी को पेपर लेस करने के लिए कोषागार निदेशालय देहरादून की पहल पर नया साफ्टवेयर अपलोड किया गया है। तकनीकी खामियों के कारण दिक्कतें आ रही है। समस्या का समाधान किया जा रहा हैं। मई के अंत तक समस्या का समाधान कर लिया जाएगा।