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रामपुर में घुसा हाथी का झुंड, दो बीघा गेहूं की फसल की चट

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कोटद्वार। सनेह क्षेत्र में पिछले पांच साल से हाथी की दहशत बनी हुई है। वन विभाग की ओर से हाथी को रोकने के लिए किए गए उपाय बौने साबित हो रहे हैं। शुक्रवार रात को एक बार फिर से हाथियों ने रामपुर में उत्पात मचाया। उन्होंने एक किसान की करीब दो बीघा भूमि पर उगाई गई गेहूं की फसल चट कर दी। हाथी के गांव में धमकने से लोगों में खौफ है। उन्होंने वन विभाग से हाथी से सुरक्षा और उनके नुकसान का मुआवजा देने की मांग की है।
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शनिवार तड़के दो बजे हाथियों का झुंड हाथी सुरक्षा दीवार को फांदकर सनेह क्षेत्र के रामपुर गांव में घुस गया। लोगों के आंगन से होते हुए हाथी सीधे मोहन सिंह रावत के खेत में जा घुसे और करीब दो बीघा खेत में उगाई गई गेहूं की फसल चट कर रौंद डाली। मोहन सिंह रावत ने बताया कि सुबह जब वह उठे तो आंगन के आगे क्यारियों और खेतों में हाथी के पांव के निशान थे। जब वह खेत में गए तो खेत का हाल देखकर हैरान रह गए। हाथियों ने दो बीघा खेत में उगाई गई गेेहूं की फसल चट कर दी। उन्होंने कहा कि उन्होंने बड़ी मेहनत से गेहूं की फसल उगाई थी, जो कि हाथी बरबाद कर गया है। उन्होंने वन विभाग पर हाथी की रोकथाम नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ सालों से हाथी लगातार गांव में घुसकर लोगों की मेहनत से उगाई गई फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं, लेकिन शिकायत के बाद भी वन विभाग हाथी को रोकने में नाकाम है। वन विभाग द्वारा हाथी की रोकथाम के लिए बनाई गई सुरक्षा दीवार मानकों की कमी के कारण कम ऊंचाई की बना दी गई है, जिसको लांघकर हाथी आसानी से रामपुर में घुस रहा है। हाथी से फसलों और लोगों के जीवन का खतरा बना हुआ है।
उधर, लैंसडौन वन प्रभाग के रेंज अधिकारी आरपी पंत ने कहा कि रामपुर में हाथी की रोकथाम के लिए गश्त तेज की गई है। मौका मुआयना कर मुआवजे की कार्रवाई की जाएगी।
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