दुगड्डा/बैजरो। पर्वतीय क्षेत्रों में 14/15 नवंबर की रात को हुई तेज बारिश और वज्रपात होेने से घरों के विद्युत उपकरण जलने और गौशाला ढहने का मामला प्रकाश में आया है। दुगड्डा ब्लाक की ग्राम पंचायत हर्षू के मुणगांव समेत कई गांवों में वज्रपात होने से घरों के उपकरण फुंक गए। इससे क्षेत्र में बिजली आपूर्ति ठप हो गई है।
मुणगांव के पूर्व ग्राम प्रधान चंद्रमोहन गौड़, भारत सिंह नेगी व ललित मोहन गौड़ ने बताया कि 14/15 नवंबर की रात करीब ढाई बजे तेज तूफान और वज्रपात होने से घरों के इलेक्ट्रानिक सामान और वायरिंग जल गए। हाई वोल्टेज करंट से क्षेत्र के बिजली के खंभों की तारें भी जल गईं, जिससे क्षेत्र में बिजली का संकट गहराया गया है। ग्रामीणों ने बताया कि तीन दिन से न्याय पंचायत सिमलना के दर्जनों गांवों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। ग्रामीणों ने ऊर्जा निगम से क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की है। उधर, ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता रघुराज सिंह ने कहा कि उनके संज्ञान में ये बातें नहीं आई हैं। अधीनस्थों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए जा रहे हैं।
उधर, बीरोंखाल ब्लाक के ग्राम सीला तल्ला में 14/15 नवंबर को हुई तेज बारिश से ग्रामीण सरस्वती देवी पत्नी गिरीश चंद्र लखेड़ा की गोशाला ढह गई, जिसमें तीन मवेशी दबकर घायल हो गए। उन्होंने बताया कि गोशाला ढहने से उनकी तीन भैंसें मलबे में फंस गई थीं। ग्रामीणों की मदद से मलबा हटाकर तीनों भैंसों को बचाया गया। घटना की प्राथमिकी राजस्व उपनिरीक्षक साबली पांच को दी गई है।