कोटद्वार। सनेह पट्टी के बहेड़ा स्रोत से रतनपुर गांव और खेती को खतरा हो गया है। वहीं इस स्रोत में बने दो पुलों के अस्तित्व पर भी खतरा मंडराने लगा है। ग्रामीणों ने जिला और तहसील प्रशासन से भूमि कटाव रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है। ग्रामीणों ने इस समस्या को लेकर एसडीएम को ज्ञापन दिया।
ग्रामीण राजेंद्र सिंह, अनूप कुमार, सावित्री देवी, वामदेव, रेखा देवी, दुर्गा देवी, सिद्धांत असवाल, खलीम, वीर सिंह, सुनीता देवी, विमला देवी व प्रकाश ढौंढियाल ने बताया कि पिछले वर्ष तीन-चार अगस्त को बहेड़ा स्रोत ने ग्रामसभा रतनपुर में बड़े पैैमाने पर तबाही मचाई थी। इस दौरान स्रोत से लगे काश्तकारों की भूमि की सुरक्षा के लिए बनी सुरक्षा दीवार भी आपदा की भेंट चढ़ गई थी। तीन चार दिन से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश में लोग दहशत में हैं और रात जागकर काट रहे हैं। भारी बारिश से रतनपुर वार्ड नं. तीन में बने पुल को खतरा उत्पन्न हो गया है, वहीं रतनपुर-सनेह मार्ग पर बहेड़ा स्रोत में बना पुल भी इसकी जद में आ गया है।
ग्रामीणों ने एसडीएम को बताया कि रविवार को मूसलाधार बारिश होने से बहेड़ा स्रोत के बाढ़ का पानी उनके घरों और खेतों में घुस गया है। ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर बहेड़ा स्रोत का ढाल सड़क की ओर कर काश्तकारी भूमि का कटाव रोकने और उनके आवासीय भवनों की सुरक्षा करने की मांग की है। उपजिलाधिकारी ने इस मामले में राजस्व उपनिरीक्षक को जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं।
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