कोटद्वार। द्वारीखाल ब्लॉक के अंतर्गत सिलोगी बाजार सहित आसपास के करीब डेढ़ दर्जन से अधिक गांवों में एक माह से पेयजल संकट गहरा गया है। यहां एकमात्र हैंडपंप खराब होने से स्थिति विकराल हो गई है। क्षेत्र के प्राकृतिक जलस्रोत भी सूखने के कगार पर हैं। लोगों को रोजमर्रा की जरूरत का पानी निजी वाहनों की व्यवस्था कर कई किलोमीटर दूर जाखणीखाल और मस्टखाल से लाना पड़ रहा है।
सिलोगी बाजार में लगा एकमात्र हैंडपंप गत एक माह से खराब पड़ा हुआ है। इस हैंडपंप पर सिलोगी बाजार समेत आसपास के करीब डेढ़ दर्जन गांवों के लोग पीने के पानी के लिए निर्भर हैं। सिलोगी के पास कर्ती गदेरा स्थित प्राकृतिक स्रोत भी सूखने के कगार पर है। हालत यह हो गई कि दिनभर स्रोत से दो तीन कनस्तर से ज्यादा पानी नहीं मिल पा रहा है। आसपास के क्षेत्र में पानी की व्यवस्था न होने के कारण लोगों को पेयजल के लिए भटकना पड़ रहा है। ग्राम जसपुर निवासी रूपचंद्र जखमोला और ग्राम कड़थी निवासी हेमवंत सिलस्वाल ने बताया कि हैंडपंप खराब होने के संबंध में क्षेत्रीय विधायक ऋतु खंडूड़ी और जल संस्थान के अधिकारियों को कई बार बताया गया है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से टैंकरों की व्यवस्था भी नहीं कराई गई है।
ग्रामीण राजेंद्र प्रसाद का कहना है कि लोग चंदा कर सिलोगी बाजार से 13 किमी दूर मस्टखाल और जाखणीखाल से वाहनों में टंकियां भरकर लाकर आपस में वितरण कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि करीब डेढ़ दर्जन गांवों के साथ ही सिलोगी बाजार में पेयजल के लिए कोई योजना नहीं बनाई गई है। विधायक ऋतु खंडूड़ी ने ग्रामीणों को सिलोगी बाजार और आसपास के गांवों के लिए कर्ती कोडार पेयजल योजना को शासन से स्वीकृति दिलाने की बात कही है, लेकिन कुछ नहीं हुआ।
हैंडपंप ठीक करने के लिए तकनीकीविशेषज्ञ भेजे गए हैं। हैंडपंप के फिर से खराब होने की उन्हें जानकारी नहीं है। जल्द ही मरम्मत कराई जाएगी। विभाग की ओर से सिलोगी में कोई पेयजल योजना प्रस्तावित नहीं है।
-एलसी रमोला, ईई जल संस्थान कोटद्वार
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