कोटद्वार। नगर निगम के विरोध में नगर निगम संघर्ष समिति के अध्यक्ष डा. शक्तिशैल कपरवाण का आमरण अनशन पांचवें दिन भी जारी रहा। विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने समिति के आंदोलन का समर्थन देने हुए अधिसूचना जारी होने पर प्रदेश सरकार का पुतला फूंका। अनशन के पांचवें दिन डाक्टरों की जांच में डा. कपरवाण का वजन साढ़े तीन किलो घट गया। इस मौके पर कपरवाण ने कहा कि सरकार ने फिर नगर निगम की अधिसूचना जारी कर दी है। इस फैसले के खिलाफ नगर निगम संघर्ष समिति कोर्ट जाएगी।
शनिवार को तहसील में कांग्रेस, एनएसयूआई, सर्वोदय मंडल, गढ़वाल सभा, नागरिक मंच व ग्रामीण विकास नागरिक मंच आदि संस्थाओं के पदाधिकारी और महिलाओं ने तहसील पहुंचकर डा. शक्तिशैल कपरवाण के आंदोलन को अपना समर्थन दिया। उन्होंने प्रदेश सरकार द्वारा नगर निगम को लेकर अंतिम अधिसूचना जाने करने के विरोध में प्रदेश सरकार का पुतला फूंका। समिति के महासचिव गोविंद डंडरियाल, बृजपाल सिंह नेगी, हेमचंद्र पंवार और मोहन सिंह क्रमिक अनशन पर बैठे।
इस अवसर पर आयोजित सभा में डा. शक्तिशैल कपरवाण ने सरकार पर जनविरोधी नीतियों को अपनाने का आरोप लगाया। कहा कि सरकार ने एक बार फिर से नगर निगम की अधिसूचना जारी कर अपने गलत इरादों को जता दिया है। सरकार के इस फैसले के खिलाफ नगर निगम संघर्ष समिति कोर्ट की शरण में जाएगी। कहा कि नगर निगम में शामिल होने वाले 73 गांवों के लोग सरकार की नीति समझ चुके हैं। अभी भी सरकार नहीं चेती तो उसे इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
इस अवसर पर गढ़वाल सभा के अध्यक्ष योगंबर सिंह रावत, कर्नल (सेनि) वीवी ध्यानी, डा. चंद्रमोहन खर्कवाल, विजय रावत, अतुल डोबरियाल, हिमांशु वेदवाल, शशिप्रभा रावत, विजेश्वरी झिंकवाण, अंजू पुंडीर, अल्का नेगी, रमेश चंद्र खंतवाल, हरीश भदोला, अर्जुन सिंह, इंदु देवी व जयंती देवी आदि मौजूद थे।
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