कोटद्वार। आंध्र प्रदेश सरकार की ओर से नव संवत्सर के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय उगाड़ी फेस्टिवल में कोटद्वार की आशु कला समिति की संस्थापक सुमित्रा रावत ग्रुप ने उत्तराखंडी लोक संस्कृति की छटा बिखेरी।
16 से 18 मार्च तक हैदराबाद के शिल्पारामम में आयोजित उगाड़ी महोत्सव में सुमित्रा रावत को उत्तराखंडी लोक संस्कृति के क्षेत्र में बेहतरीन कार्य के लिए आमंत्रित किया गया था। महोत्सव में सुमित्रा ने छपेली लोक नृत्य में भागुली तीले धारू बोला.., घसियारी लोक नृत्य में हे दीदी हे भुली हे व्वारी और थड़िया चौंफला में धार मां उरख्याली व्वे, गीतों की मनमोहक प्रस्तुति दी।
हैदराबाद से पहुंची सुमित्रा रावत ने बताया कि टीम में उनके सह गायक योगेंद्र गडोई थे। संगीत टीम में ढोलक पर योगेंद्र कुमार, हारमोनियम में अनिल शर्मा, हुड़का में संदीप, जबकि नृत्य टीम में भारती, निशा, उमा, रानी, वर्षा, संजू, मानवेंद्र, अभय, अनिरुद्ध और प्रकाश राणा ने अपनी प्रस्तुति दी।
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