कोटद्वार। शादियों का सीजन होने के कारण छुट्टी पर घर पहुंचे लोगों को वीकेंड पर रोडवेज की बसों में सीट पाने के लिए मारामारी करनी पड़ी। उत्तराखंड रोडवेज में कंडक्टरों की भर्ती होने के कारण स्टाफ का टोटा रहा। इसके कारण कोटद्वार डिपो की अतिरिक्त बसों का संचालन नहीं हो पाया। उत्तरप्रदेश परिवहन निगम की बसों पर इसका असर देखा गया। उत्तरप्रदेश परिवहन निगम की बसों में एक सीट पाने के लिए यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
सोमवार को आफिस पहुंचने के कारण रविवार को यात्री अपने घरों को रवाना हुए। इसके कारण पर्वतीय क्षेत्रों से मैदानी क्षेत्रों को जाने वाले यात्रियों का दबाव बढ़ गया। यात्रियों की भीड़ इतनी अधिक थी कि कोटद्वार रोजवेज डिपो की 28 बसें कम पड़ गईं। उत्तराखंड डिपो की बसों का टोटा होने के कारण लोग उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बस में सीट पाने के लिए कौड़िया तिराहा, देवी मंदिर तिराहा, देवी रोड और मोटर नगर के पास अपने सामान के साथ घंटों तक जमा रहे। रोडवेज की बस आते ही लोगों में सीट पानी के लिए भगदड़ मच रही थी। इसके कारण बस देवी रोड पर ही फुल होकर बिना बाजार आए बालासौड़ के रास्ते दिल्ली के लिए रवाना हो गई। इस दौरान बस में सीट के लिए यात्री कहासुनी और धक्का मुक्की करते हुए भी नजर आए। दोपहर दो बजे तक यही सिलसिला चलता रहा।
कोटद्वार रोडवेज डिपो के आरएम वीके सैनी ने बताया कि रविवार को कंडटर की भर्ती होने के कारण स्टाफ की कमी के कारण अतिरिक्त बसों का संचालन नहीं हो पाया। रूटीन की सभी 28 बसों का संचालन किया गया।
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