दुगड्डा। शहीद चंद्रशेखर आजाद के बलिदान दिवस पर नगर पालिका परिषद और शहीद मेला समिति दुगड्डा की ओर से आयोजित तीन दिवसीय मेला शुरू हो गया है। इस मौके पर विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने झांकी निकाली। छात्र-छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन कर समा बांधा।
रविवार को बतौर मुख्य अतिथि राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष सरोजनी कैंतुरा ने मेले का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि भारतवर्ष की आजादी के लिए निस्वार्थ भाव से त्याग व बलिदान करने वाले क्रांतिवीरों को स्मरण करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उनकी स्मृतियों को संरक्षित करने के लिए लोगों तथा सरकार को सार्थक प्रयास करने चाहिए। कहा कि महिला आयोग द्वारा नारियों की सुरक्षा के लिए व्यवस्था की गई है। भ्रूण हत्या तथा महिलाओं को प्रताड़ित व उनकी हत्या जैसा जघन्य अपराध करना कानूनी जुर्म है। इसके लिए वर्तमान समय में प्रत्येक महिला को अपने अधिकारों के बारे में जागरूक होना नितांत आवश्यक है।
नगर पालिका व शहीद मेला कमेटी अध्यक्ष दीपक बडोला ने कहा कि आजाद के सहयोगी क्रांतिकारी भवानी सिंह रावत की बदौलत दुगड्डा में पहली बार शहीद मेला आयोजित किया गया था।
इससे पूर्व शहीद मेले के अवसर पर जीजीआईसी, जीआईसी, सरस्वती विद्या मंदिर, गीतांजलि पब्लिक स्कूल, मांटेसरी स्कूल, प्राथमिक विद्यालय, राजकीय जूनियर हाईस्कूल उमरैला आदि के छात्र-छात्राओं ने धार्मिक व देशभक्ति से संबंधित झांकियां निकालीं। गढ़वाल राइफल सेंटर लैंसडौन के जवानों द्वारा पाइप बैंड की धुन से दर्शक भावविभोर हो गए। कार्यक्रम का संचालन संजीव कपूर ने किया। इसके बाद जीआईसी के क्रीड़ा मैदान में खेलकूद प्रतियोगिताओं का शुभारंभ महिला आयोग की अध्यक्ष सरोजनी कैंतुरा द्वारा किया गया।
इस अवसर पर शहीद मेले के संस्थापक सदस्य मोहन लाल बौंठियाल, क्रांतिकारी भवानी सिंह रावत के परिजन, राधेश्याम अग्रवाल, राम अवतार गर्ग, सुजीत मनराल, हरेंद्र रावत, संदीप नेगी, सतीश नेगी, भवान सिंह असवाल आदि मौजूद थे।
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