कोटद्वार। मवाकोट में पांच दिवसीय गेंद मेले के चौथे दिन महिलाओं की मनोरंजक प्रतियोगिताओं और लोकगायक किशन महिपाल और साथियों की सांस्कृतिक संध्या की धूम रही।
मवाकोट में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों का बतौर मुख्य अतिथि लैंसडौन के विधायक दिलीप रावत ने शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि यह त्योहार हर्ष, उल्लास और नवसृजन का पर्व है। उन्होंने कहा गेंद मेले का लंबा इतिहास है और ऐसे गेंद मेले जैसी सांस्कृतिक विरासतों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
गेंद मेले में दोपहर बाद लोकगायक किशन महिपाल के गीतों और शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। किशन ने अपने लोकप्रिय गीत स्याली भम्पाली, त्वे मिलण औलू....., रानीखेत रामढोला.., फ्योंलड़िया त्वे देखिकी.., किंगरा को छाला घुघति.. गाकर समा बांध दिया। नवोदित गायिका आन्या बिष्ट ने लोकगीत गाकर मेले में आए लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
इससे पूर्व विद्यालयी वॉलीबाल के बालक वर्ग में एमकेवीएन ने सरस्वती विद्या मंदिर उमराव नगर को हराकर खिताब जीता। कबड्डी बालिका वर्ग में एमकेवीएन ने एमकेवीएन द्वितीय को हराकर और डीएवी ने आर्य कन्या इंटर कालेज को हराकर खिताब जीता।
इस अवसर पर मेला संयोजक राज गौरव नौटियाल, अध्यक्ष जितेंद्र डोबरियाल, सुभाष कोठारी, हरेंद्रमणि जोशी, गजेंद्र सिंह रावत, जिला पंचायत सदस्य बलदेव सिंह नेगी, प्रमोद डोबरियाल, मनोज रावत, राजेश रावत, भारत गौड़, दयाशंकर फुलारा, राजेंद्र खैरवाल, श्रीकांत जोशी, प्रदीप शर्मा, हर्षवर्द्धन बिंजोला, विकेश जोशी, राजेश रावत आदि उपस्थित थे।