कोटद्वार। सुुखरो पट्टी के करीब दर्जनभर गांवों को सिंचाई सुविधा प्रदान करने वाली दाई खोह नहर एक माह से अधिक समय से ठप पड़ी है। सिंचाई विभाग को भूमिगत नहर का मलबा नहीं हटा पा रहा है, जिससे काश्तकारों को भारी दिक्कत हो रही है।
भूस्खलन, भूधंसाव और मलबे से ज्यादातर सिंचाई नहरों को विभाग की ओर से किसी तरह पानी चलाने लायक बनाया गया है, लेकिन ह्यूम पाइप डालकर भूमिगत की गई करीब पांच किमी दाई खोह नहर विभाग के लिए मुसीबत बन गई है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि भूमिगत नहर का मलबा साफ करने के लिए श्रमिक नहीं मिल रहे हैं। किसान नेता पातीराम ध्यानी, काश्तकार कांति सिंह, संजय थलेड़ी, विद्यादत्त, संजय रावत और मदन सिंह का कहना है कि दाई खोह नहर से सिताबपुर, शिब्बूनगर, बालासौड़, हरिसिंगपुर रतनपुर सुखरो, कौड़िया, बलभद्रपुर, नया गांव के साथ ही बिजनौर के देवेंद्र नगर गांवों में सिंचाई होती है। गत 25 अगस्त की भारी बारिश के बाद नहर मलबे से पटी है।
दाई खोह नहर को पनियाली गदेरे तक क्लीयर कर दिया गया है। एक बार पानी चला दिया गया था, लेकिन 23 सितंबर की बारिश से फिर भूमिगत नहर में मलबा भर गया। श्रमिकों के माध्यम से मलबा हटाया जा रहा है। जल्द मलबा साफ करवाकर पानी चलाने का प्रयास किया जा रहा है। -केके राज, जेई सिंचाई खंड दुगड्डा