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रिखणीखाल-बीरोंखाल मार्ग 15 दिन से बाधित, लोग परेशान

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बीरोंखाल। कोटद्वार-बीरोंखाल मार्ग पर सिमड़ी के पास पहाड़ी से मलबा आने और सड़क का पुश्ता ढहने से मार्ग पर गत 15 दिन से आवाजाही ठप पड़ी है। सड़क न खुलने से लोगों को जहां पैदल मीलों दूरी तय कर आवाजाही करने को मजबूर होना पड़ रहा है, वहीं खाद्यान्न का संकट भी उत्पन्न हो गया है।
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गत 31 अगस्त को हुई मूसलाधार बारिश से सिमड़ी के पास मलबा आने से कोटद्वार बीरोंखाल मार्ग बंद हो गया था। विभाग की लापरवाही के चलते 15 दिन बाद भी मलबा नहीं हटाया गया है, जिससे कांडा मल्ला, तल्ला, सिमड़ी, गैडीगाड़, कांडली मल्ली, तल्ली, तलाई व तल्ला गांव सहित क्षेत्र के 25 गांवों के लोग मीलों पैदल दूरी तय कर गंतव्य तक पहुंच रहे हैं। ग्रामीण दैनिक उपभोग की वस्तुएं सिर पर लादकर ला रहे हैं। गत 31 अगस्त को एक जेसीबी मलबा हटाने के लिए लगाई गई थी, लेकिन वह अनियंत्रित होकर खाई में गिर गई थी। उसके बाद विभाग ने मार्ग खोलने की सुध नहीं ली। ग्रामीण प्रदीप सिंह, कुलदीप सिंह व प्रेम सिंह का कहना है कि हर साल बरसात के सीजन में पहाड़ी से मलबा आने के बाद सड़क बंद हो जाती है। क्षेत्रवासियों ने विभागीय अधिकारियों से सड़क खुलवाने और समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है। वहीं लोक निर्माण विभाग बैजरो के अधिशासी अभियंता आदर्श गोपाल ने बताया कि मलबा हटाकर मार्ग खोलने के निर्देश जेई को दे दिए गए हैं। सड़क को जल्द से जल्द खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं।

जयहरीखाल-गूमखाल मार्ग पर पुश्ता ढहा, खतरा
जयहरीखाल। बृहस्पतिवार शाम को हुई भारी बारिश से जयहरीखाल-गूमखाल मोटर मार्ग पर पुराना डाकखाना व लोक निर्माण कालोनी के बीच सड़क का पुश्ता ढहने से दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। लोगों को आवाजाही में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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ग्राम प्रधान जयहरी हरि सिंह रावत ने अधिशासी अभियंता लैंसडौंन को ज्ञापन भेजकर सड़क की जल्द मरम्मत की मांग की है। कहा कि इस मार्ग पर सैकड़ों स्कूली बच्चे पैदल आवाजाही करते हैं। पुश्ता ढहने से जहां मार्ग संकरा हो गया है। प्रधानाचार्य संदीप रौतेला और अभिभावकों ने पुश्ता बनाकर शीघ्र मार्ग निर्माण कराने की मांग उठाई है।
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