कोटद्वार। बृहस्पतिवार देर रात से शुक्रवार तक हुई भारी बारिश से कोटद्वार-पौड़ी नेशनल हाईवे कई घंटे बाधित रहा। एनएच धुमाकोट की मौके पर खड़ी पोकलेन और जेसीबी मशीनों ने कई घंटे की मशक्कत के बाद सड़क को यातायात के लिए खोला, लेकिन मार्ग की हालत हैवी ट्रैफिक के गुजरने की नहीं है। जान जोखिम में डालकर यात्री और मालवाहक वाहन यहां से आवाजाही कर रहे हैं।
गत 25 अगस्त की भारी बारिश के बाद कोटद्वार-पौड़ी नेशनल हाईवे संख्या-534 दुगड्डा-कोटद्वार के बीच डेंजर जोन में तब्दील हो गया है। यहां पर पहाड़ी लगातार दरक रही है। जरा सी भी बारिश में यहां भारी बोल्डर और मलबा सड़क पर आ रहा है। एनएच के अवर अभियंता अरविंद जोशी ने बताया कि बृहस्पतिवार की रात भारी बारिश से बंद हुए मार्ग को देर शाम खोल दिया गया, लेकिन शुक्रवार सुबह फिर से मलबा आने से काफी देर हाईवे बाधित रहा। लगातार ट्रैफिक चलने से यहां पहाड़ी के मलबे को हटाने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। जैसे ही ट्रैफिक रोककर काम शुरू किया जा रहा है, वैसे ही वाहन चालक और यात्री सड़क खोलने का दबाव बना रहे हैं।
पीएमजीएसवाई सिंचाई खंड के सहायक अभियंता योगेंद्र सिंह और एआरटीओ आरएस कटारिया ने बताया कि शुक्रवार को हाईवे के बंद होने पर विकल्प के रूप में प्रयुक्त होने वाले कोटद्वार-पुलिंडा और रामणी-ऐता-चरेख मार्ग का निरीक्षण किया गया, लेकिन यह मार्ग एनएच के ट्रैफिक को डायबर्ट करने के लायक नहीं पाया गया। कहा कि एनएच पर यातायात रोककर पहाड़ी का मलबा साफ करने के अलावा कोई और विकल्प नहीं है। उपनिरीक्षक विनोद कुमार का कहना है कि पहाड़ी से गिर रहे मलबे के ऊपर बनाई गई स्थायी सड़क से ही ट्रैफिक को निकाला जा रहा है।
फोटो