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पौड़ी के धुमाकोट में सवारियों से भरी बस खाई में गिरी, 4

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धुमाकोट/कोटद्वार।
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पौड़ी जिले के धुमाकोट क्षेत्र में रविवार सुबह धुमाकोट-भौन पीपली मोटर मार्ग पर सवारियों से खचाखच भरी बस के गहरी खाई में गिरने से उसमें सवार 48 लोगों की मौत हो गई और 13 लोग घायल हो गए। घायलों में 12 की हालत गंभीर होने से उन्हें रामनगर समेत हायर सेंटर के लिए रेफर किया गया है। एक घायल को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। मृतकों में 16 महिलाएं, 22 पुरुष और 10 छोटे बच्चे शामिल हैं। हादसे की खबर लगते ही क्षेत्र में कोहराम मच गया। हर कोई घटनास्थल की ओर दौड़ पड़ा। घटनास्थल पर हृदय विदारक दृश्य देखकर हर कोई रो पड़ा। सूचना मिलते ही धुुमाकोट, रामनगर, नैनीताल और पौड़ी से पुलिस, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। जिला प्रशासन की ओर से घटनास्थल पर ही पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंपा जा रहे हैं। दुर्घटना की वजह सड़क बना एक बड़ा गड्ढा बताया जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार रविवार सुबह गढ़वाल यूजर्स मोटर को-आपरेटिव ट्रांसपोर्ट सोसाइटी लि. (यूजर्स) की सवारियों से भरी बस धुमाकोट के बमेड़ीसैंण से रामनगर के लिए रवाना हुई। बस धुमाकोट से पहले चिनवाड़ी ग्राम पंचायत के क्वीन गांव के करीब पहुंची ही थी कि तभी अनियंत्रित होकर करीब 150 मीटर गहरी खाई में जा समाई। दुर्घटना में बस के परखच्चे उड़ गए। लोगों में चीख-पुकार मच गई। हादसे की खबर लगते ही करीब सात किमी दूर स्थित धुुमाकोट बाजार से व्यापारी, ग्रामीण घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। धुमाकोट के नायब तहसीलदार तीरथ सिंह और एचएसओ धुमाकोट लक्ष्मण सिंह कठैत मय पुलिस फोर्स सबसे पहले घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने स्थानीय लोगों के साथ घायलों को खाई से बाहर निकालकर धुमाकोट अस्पताल पहुंचाया। 45 लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि तीन लोगों ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। धुमाकोट का अतिरिक्त कार्यभार देख रहे एसडीएम कमलेश मेहता, लैंसडौन के विधायक दिलीप रावत, ब्लाक प्रमुख रश्मि पटवाल समेत कई जनप्रतिनिधियोें ने मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य में सहयोग किया। हादसे की सूचना मिलते ही पौड़ी से पहले सीमावर्ती जिले नैनीताल के रामनगर से पुलिस, प्रशासन और परिवहन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे। सीएमओ पौड़ी डा. बीएस जंगपांगी ने बताया कि घटनास्थल पर ही मृतकों का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों के सुपुर्द किए जा रहे हैं।
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शाम करीब पौने पांच बजे मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत भी घटनास्थल पर पहुंच गए। वह हेलीकाप्टर से मरचूलासैंण रामनगर पहुंचे थे, जहां से वह सड़क मार्ग से धुमाकोट पहुंचे। उन्होंने घटना पर गहरा दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों ढांढस बंधाया।
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सड़क पर बना गड्ढा औैर पुश्ता ढहना भी बना वजह
कोटद्वार। घटनास्थल का निरीक्षण कर लौटे एआरटीओ विमल पांडेय का कहना है कि पीपली-भौन मोटर मार्ग पर जिस जगह हादसा हुआ, वहां सड़क पर एक बड़ा गड्ढा बना है, जिसमें बारिश का पानी भरा था। गड्ढे से बचने के लिए बस चालक ने बस को किनारे की ओर मोड़ा तो वहां जहां बारिश के कारण कमजोर पड़ा पुश्ता ढह गया और बस खाई में जा गिरी।

दुर्घटना की खास बातें

7.30 बजे-धूमाकोट के बमेड़ीसैंण से रामनगर के लिए रवाना हुई थी गढ़वाल यूजर्स कंपनी की बस
8.30 बजे-पीपली-भौन मोटर मार्ग पर क्वीन गांव के पास खाई में गिरी बस
9.15 बजे-राहत और बचाव को पहुंचे धूमाकोट के लोग
-30 सीटर बस में सवार थे 61 लोग
-45 लोगों की मौके पर हुई मौत, तीन ने अस्पताल में तोड़ा दम
-मृतकों में 16 महिलाएं, 22 पुरुष, दस बच्चे
-हादसे से धुमाकोट तहसील के 16 गांवों में मातम
-कई परिवारों में कोई चूल्हा जलाने वाला तक नहीं बचा
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