कोटद्वार। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट भवदीप रावते की अदालत ने चेक बाउंस के दो मामलों में अलग-अलग सजा सुनाते हुए आरोपी को दो साल का सश्रम कारावास और 55 लाख रुपये के जुर्माने से दंडित किया है। जुर्माने की रकम में से 48 लाख रुपये बतौर प्रतिकर परिवादी प्राप्त करेगा। बाकी रकम जुर्माने के रुप में राजकोष में जमा कराई जाएगी।
परिवादी के अधिवक्ता जितेंद्र रावत (सीनियर) ने बताया कि राजपुर देहरादून निवासी कमला विद्यार्थी की ओर से पदमपुर कोटद्वार निवासी राजीव के खिलाफ 138 परक्राम्य विलेख अधिनियम के तहत दो परिवाद दायर किए गए थे। इसमें एक परिवाद 25 लाख रुपये का चेक बाउंस होने और दूसरा 10 लाख का चेक बाउंस होने से संबंधित था। अधिवक्ता ने बताया कि कमला विद्यार्थी ने वर्ष 2009-10 में अपने भवन के नवनिर्माण के लिए आरोपी को उक्त धनराशि दी थी। जब काम नहीं हुआ तो आरोपी से पैसे वापस मांगे गए। आरोपी ने परिवादी को 25 लाख रुपये का चेक दिया, जो बैंक से बाउंस हो गया। इस मामले में दस्तावेजी साक्ष्य के आधार पर एसीजेएम भवदीप रावते ने दोषी को दो साल के सश्रम कारावास और 40 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माने की इस रकम में से 35 लाख रुपये परिवादी को बतौर प्रतिकर भुगतान होगा। शेष पांच लाख की राशि जुर्माने के रूप में राजकोष में जमा की जाएगी।
अधिवक्ता जितेंद्र रावत ने बताया कि इसी प्रकार 10 लाख रुपये चेक बाउंस के दूसरे मामले में भी दोषी को दो साल की सश्रम कैद और 15 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई गई है। जुर्माने की इस राशि में से परिवादी को तेरह लाख बतौर प्रतिकर मिलेंगे, जबकि दो लाख राजकोष में जमा होगा। जुर्माना अदा न करने पर उसे छह माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी। कोर्ट ने चेक बाउंस के आरोपी को जमानत दे दी है।