कोटद्वार। कण्वाश्रम के विकास के लिए डू समथिंग सोसाइटी की ओर से कण्वाश्रम को श्राप-दोष से मुक्ति दिलाने के लिए सरकार की बुद्धि शुद्धि यज्ञ का आयोजन किया गया। इसमें विभिन्न संगठनों के लोगों ने चक्रवर्ती सम्राट भरत की जन्म स्थली को राष्ट्रीय पटल पर स्थापित करने के लिए हवन कुंड में पूर्णाहुति डाली।
मंगलवार को डू समथिंग सोसाइटी के अध्यक्ष मयंक प्रकाश कोठारी के निर्देशन में आचार्य भारत भूषण डबराल और पंडित सुदर्शन भट्ट के सानिध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सरकार की बुद्धि शुद्धि यज्ञ का शुुुभारंभ किया गया। इस अवसर पर मयंक कोठारी ने कहा कि वैदिक संस्कृति के इतिहास को समेटे कण्वाश्रम जैसे पावन स्थान जहां से हमारे देश का नाम भारत पड़ा हो, वह आज वीरान है। यहां प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे विजय बहुगुणा, हरीश रावत और वर्तमान सीएम त्रिवेंद्र रावत मेले में पहुंचे, लेकिन किसी ने इस एतिहासिक स्थल के विकास के बारे में नहीं सोचा। इसके चलते कण्वाश्रम उपेक्षा का शिकार है। उन्होंने राज्य सरकार से सम्राट भरत की भूर्ति की स्थापना कण्वाश्रम और शहर के मुख्य देवी रोड चौराहे पर करने की मांग की।
इस अवसर पर सर्वोदयी सेवक मान सिंह रावत, शशि प्रभा रावत, एसपी कुकेरती, प्रकाश चंद्र कोठारी, विपिन रावत, आरती कंडवाल व प्रमोद रावत आदि मौजूद थे।
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